डबवाली। शहर के मीना बाजार की श्री राम मार्केट में फोटो फ्रेम के गोदाम में वीरवार दोपहर को अचानक भयंकर आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी जद में लिया। रिहायशी इलाकों साथ होने के कारण लोगों में भगदड़ मच गई और लोग अपने घरों से बाहर आ गए। वहीं, पड़ोसियों ने दुकान मालिक को सूचित किया।
इसके बाद दमकल विभाग व पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया। तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गोदाम में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। गोदाम में आग लगने के कारण तपिश से दो से तीन दूसरी दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है। आग इतनी भयंकर थी कि आसपास एक किलोमीटर के दायरे से धुंध के काले गुबार देखे जा सकते थे।
गोदाम शंभू फोटो फ्रेम नाम से दुकान चलाने वाले मोनू मोंगा का है। माेनू मोंगा ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे के आसपास गोदाम में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। गोदाम में रखे फ्रेम, लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। गोदाम में बिजली का कनेक्शन नही है। ऐसे में आग किन कारणों से लगी है, यह बताना संभव नहीं है। आग से गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है।
अतिक्रमण बना दमकल की गाड़ियों के लिए आफत
मीना बाजार की गलियां अतिक्रमण के कारण संकरी हो चुकी हैं। इस कारण दमकल विभाग की गाड़ियां सीधे तौर पर मौके की जगह पर नहीं पहुंच सकीं। लोगों के घरों और दुकानों की छतों से दमकल केंद्र के कर्मचारियों ने पाइपों लेकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर तीन घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया गया।
व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने की मांग
मीना बाजार के व्यापारियों सुरेश मित्तल, अमित मित्तल, उमेश, गोपाल व अन्य लोगों ने कहा कि कि बाजार में सड़क कुछ साल पहले तक खुली होती थी। आसानी से वाहनों का आवागमन हो जाता था और हादसे होने पर दमकल की गाड़ियां भी आसानी से पहुंच जाती थीं। अब लोगों ने दुकानों के आगे अतिक्रमण कर लिया और गलियों में अवैध रूप से छज्जे निकाल लिए हैं। इस कारण दमकल की गाड़ियों को परेशानी उठानी पड़ी है। ऐसे में प्रशासन से मांग है कि अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए।
रिहायशी इलाकों से गोदाम हटाए जाएं
मीना बाजार के आसपास रहने वाले रिहायशी इलाके के लोगों ने मांग की कि एरिया में कई गोदाम बनाए गए हैं। इन गोदामों में फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कभी भी हादसे हो सकते हैं। इसलिए गोदामों को रिहायशी इलाकों से बाहर बनाया जाएगा। प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करें।