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राष्ट्रीय लोक अदालत में 981 मामलों का हुआ निपटान

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लोक अदालत में मामलों का निपटारा करते जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा व अन्य। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा न्यायालय परिसर सिरसा, उपमंडल न्यायालय परिसर डबवाली व ऐलनाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरपर्सन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा ने बताया कि लोक अदालत में सभी तरह के न्यायालयों में विचाराधीन व प्री-लिटिगेटिव केस निपटारे के लिए रखे गए थे। जिनमें मुख्यत चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना, घरेलू विवाद, बिजली व पानी से संबंधित विवाद, दिवानी व फौजदारी विवाद इत्यादि शामिल थे। इस लोक अदालत में न्यायालयों में विचाराधीन कुल 1387 मामले में से 981 केसों का निपटारा किया गया। जिनमें 6 करोड़ 84 लाख 2 हजार 900 रुपये की राशि समायोजित की गई व प्री-लिटिगेटिव केस निपटारे के लिए रखे गए हैं। जिनमें न्यायालयों में विचाराधीन 641 केसों मे से 336 केसों का प्री-लिटिगेटिव का निपटारा हुआ। जिनसे 1 करोड़ 4 लाख 87 हजार 321 रुपये की राशि समायोजित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनुराधा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जिले में कुल पांच बैंचों का गठन किया गया। जिसमें जिला न्यायालय सिरसा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा, प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट जसबीर सिंह कुंडू, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार लाल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूजा सिंगला, न्यायिक दंडाधिकारी विशाल श्योकंद तथा सब डिविजनल ऐलनाबाद से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जेडी कम न्यायिक दंडाधिकारी संदीप कुमार, डबवाली से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (जेडी) कम न्यायिक दंडाधिकारी अमनदीप कुमार शामिल हैं।
इसके अलावा एक बेंच परमानेंट लोक अदालत में गठित किया जिसमें चेयरमैन पीएलए (पीयूएस) अशोक कुमार गर्ग व सदस्य कुलवीर सिंह व निरानियां उपस्थित रहे। सचिव ने बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। लोक अदालत की प्रक्रिया बिल्कुल संक्षिप्त व साधारण है, जिसमें दोनों पक्षों की सहमति से केस का निपटारा किया जाता है और लोक अदालत में किये फैसले की कोई अपील भी नहीं होती। दोनों पक्षों की सहमति से केस का फैसला होने के कारण दोनों पक्षों का मनमुटाव हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है तथा भाईचारा बना रहता है। इस दौरान ना किसी की जीत होती है और ना ही किसी की हार होती है।
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हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के मार्गदर्शन में हरियाणा राज्य भर में अपनी चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हरियाणा के 22 जिलों और 33 उपमंडलों में किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी एडीआर केंद्रों में कार्यरत स्थायी लोक अदालतों सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के मामलों सहित सिविल, आपराधिक, वैवाहिक, बैंक-वसूली आदि मामलों का निपटारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित करने का उद्देश्य वादकारियों को अपने विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए एक मंच प्रदान करना है। प्रायोगिक आधार पर सबसे पहले एक जिले में दैनिक लोक अदालतें शुरू की गईं। उत्साहजनक परिणाम आने के बाद शेष जिलों में भी दैनिक लोक अदालतें शुरू की गई। वर्तमान में, हरियाणा के सभी 22 जिलों में दैनिक लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैं। वर्ष 2021 में 45 हजार 747 दैनिक लोक अदालतें आयोजित की गईं और 67 हजार 617 मामलों को निर्णित किया गया तथा कुल 23,37,49,776 रुपये की राशि का निपटान किया गया।
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