रजिस्ट्रार और छात्रों के बीच 15 मिनट की वार्ता में नहीं बन पाई सहमति
सिरसा। सीडीएलयू में सोमवार को बीपीएड और डीपीएड कोर्स की मान्यता को लेकर हड़ताली छात्रों की मंगलवार को कार्यकारी रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच के साथ वार्ता हुई। हालांकि वार्ता बेनतीजा रही। ऐसे में छात्रों और सीडीएलयू के बीच प्रदर्शन को खत्म करने को लेकर सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में छात्र बुधवार को आंदोलन तेल करने के संबंध में कोई फैसला ले सकते हैं। वहीं नॉन टीचिंग यूनियन ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है।
छात्र करीब 12 बजे कार्यकारी रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच से बातचीत करने के लिए छात्र अनिल कसवां, संजय, अमृतमान, जगसीर मान फिजिकल छात्रों के साथ कार्यालय में गए। करीब 15 मिनट तक दोनों के बीच वार्ता हुई। छात्रों ने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने एनसीटीई से एप्रूवल डिग्रीधारकों को ही नौकरी के लिए योग्य माना है। लेकिन कार्यकारी रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच ने कहा कि वे अभी लोक सेवा आयोग से बात करते हैं। आयोग के सदस्य से छात्र संजय की बात करवाई गई। राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य ने कहा कि छात्र परीक्षा में बैठ सकते हैं। लेकिन डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय डिग्री एनसीटीई से अप्रूव होनी चाहिए। छात्रों ने कहा कि परीक्षा में बैठने से कोई नहीं रोक रहा। यदि मान्यता ही नहीं है तो नौकरी ज्वाइन कौन करने देगा। परीक्षा में बैठने से कभी कोई आयोग नहीं रोकता। सहमति न बनते देख छात्रों ने रजिस्ट्रार से धरना स्थल के लिए जगह उपलब्ध करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। छात्रों ने कहा कि सीडीएलयू ने धरने के लिए जो जगह निर्धारित की है, वहां पर निर्माण सामग्री का सामान पड़ा है। इसलिए उन्हें जगह उपलब्ध करवाई जाए। तब रजिस्ट्रार ने कहा कि वे वीसी के समक्ष उनके आवेदन को प्रस्तुत कर देंगे। इस संबंध में उन्होंने ही फैसला लेना है। छात्र अनिल कसवां का कहना है कि उनका मुद्दा वीसी हटाना नहीं है। बल्कि बीपीएड और डीपीएड को एनसीटीई से मान्यता दिलाना है।
नॉन टीचिंग यूनियन के प्रधान बजरंग लाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करते। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्या जायज है तथा इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। अगर अभी भी प्रशासन नहीं चेता तो विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द ही विद्यार्थियों को वार्ता के लिए बुलाए और उनके कोर्सों की मान्यता के लिए तुरंत प्रभाव से कार्यवाही करते। प्रधान बजरंग लाल ने कहा कि विद्यार्थी और कर्मचारी एक दूसरे के पूरक है तथा हमेशा ही वे एक दूसरे का साथ देते आए है। अगर यूनियन की कही भी उन्हें जरूरत पड़ेगी तो हमेशा उनके साथ खड़ा मिलेंगे।
कोट्स
छात्रों की राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य से बात करवा दी। उनका कहना है कि परीक्षा में बैठने से कोई मनाही नहीं है। धरने के लिए एप्लीकेशन पर वीसी निर्णय लेंगे।
राजकुमार सिवाच, कार्यकारी रजिस्ट्रार, सीडीएलयू।