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भाजपा हाइकमान के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए नौ भाजपाई पार्षदों ने अपने ही चेयरपर्सन शीला सहगल को कुर्सी से उतारा

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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। नगरपरिषद की भाजपा समर्थित चेयरपर्सन शीला सहगल के खिलाफ बुधवार को हुए फ्लोर टेस्ट में 22 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव में वोटिंग की। ऐसे में चेयपर्सन की कुर्सी चली गई। भाजपा के करीब नौ पार्षदों का साथ कांग्रेस, हलोपा के पार्षदों ने दिया। शीला सहगल के अविश्वास प्रस्ताव में हार जाने के बाद नगरपरिषद सिरसा के चेयरपर्सन की कुर्सी खाली हो गई है। अब 22 पार्षद नए चेयरपर्सन के लिए गुरुवार को डीसी से मुलाकात करेंगे। साथ ही एक्ट अनुसार चेयरपर्सन की अनुपस्थिति में वाइस चेयरमैन को शक्तियां अलॉट करने की मांग की जाएगी।
सुबह साढ़े 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षद नगर परिषद कार्यालय में वोटिंग के लिए पहुंचे। ड्यूटी मेजिस्ट्रेट संजय चौधरी भी मौके पर आ गए। ड्यूटी मेजिस्ट्रेट संजय चौधरी ने अंदर बैठे पार्षदों से मोबाइल लेने शुरू कर दिए। तब पार्षद सुमन शर्मा ने कहा कि जब एसडीएम आएंगे, तब ही पार्षद मोबाइल जमा करवाएंगे। ड्यूटी मेजिस्ट्रेट ने कहा कि पार्षदों को खुद ही मोबाइल बाहर जमा करवाकर आना चाहिए था। हालांकि बाद में पार्षदों ने अपने मोबाइल बाहर रख दिए। एसडीएम अमित कुमार भी सही समय पर पहुंच गए। करीब 12 बजे ड्यूटी मेजिस्ट्रेट ने प्रधान कार्यालय से बाहर आकर कहा कि यदि कोई पार्षद बाहर है तो वह अंदर आ सकता है। वोटिंग बंद कमरे में करवाई गई। पहले पार्षदों ने एसडीएम को हस्ताक्षर युक्त पत्र देकर कहा कि वे अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हैं और अपने हाथ खड़े किए। लेकिन एसडीएम अमित कुमार ने कहा यह मामला सीक्रेट होता है, इस लिए वोटिंग करवाई जाएगी। एसडीएम ने ईवीएम मशीन की जानकारी देते हुए कहा कि वहां पर येस और नो का बटन है। आप अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में हो, तो हां या नहीं का बटन दबाना है। तब करीब पौने एक बजे वोटिंग शुरू हुई। डेढ़ बजे रिजल्ट घोषित किया गया। सभी 22 के 22 पार्षदों ने चेयरपर्सन शीला सहगल के खिलाफ वोटिंग की। भाजपा समर्थित चेयरपर्सन शीला सहगल के खिलाफ वोटिंग करने वाले नौ पार्षद भाजपा के, पांच हलोपा के, पांच कांग्रेस के और तीन निर्दलीय उम्मीदवार है।
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जीत के बाद सभी पार्षदों ने हनुमान मंदिर में टेका माथा
जीत के बाद सभी 22 पार्षद मौजगढ़ रोड के पास हनुमान मंदिर में माथा टेकने चले गए। सभी पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले पार्षदों ने इसी मंदिर में एकजुट रहने की कसमें खाई थी। दोपहर दो बजे के बाद पार्षदों ने एक बार फिर मंदिर में माथा टेका। नए चेयरपसर्न की दौड़ के दावेदारों में प्रोफेसर गणेशी लाल गुट से सुमन शर्मा, रेखा सुखरालिया और जगदीश चोपड़ा गुट से सुमन लता बामनियां व रेणु बाला का नाम प्रमुख है। हालांकि अभी 22 पार्षदों ने चेयरपर्सन के लिए दावेदारी नहीं ठोकी। नगरपरिषद के उप प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि गुरुवार को सभी 22 पार्षद नए चेयपर्सन के चुनाव के लिए मुलाकात करेंगे। नए चेयरपर्सन का चुनाव इन्हीं 22 पार्षदों की महिला पार्षदों में से किया जाएगा।
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22 में से एक पार्षद था डांवांडोल
चेयरपर्सन शीला सहगल को कुर्सी से उतारने के लिए 31 में से 21 पार्षदों की वोटिंग अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में होनी चाहिए थी। एक बार तो भाजपा के नौ पार्षदों में से एक पार्षद ने अविश्वास प्रस्ताव में भाग लेने से इंकार कर दिया। उसने सुबह 11 बजे आने से मना कर दिया। तब बाकी भाजपा पार्षदों ने कहा कि वे भविष्य में उसका साथ नहीं देंगे। उन्हें भितरघात की आशंका थी, इस लिए उन्होंने एक ओर पार्षद को उसके सामने लाकर खड़ा कर दिया। तब पार्षद प्रतिनिधि ने फोन करके पार्षद को घर से बुलाया और वोटिंग में शामिल करवाया। वार्ड नंबर एक से राजेंद्र कुमार, वार्ड दो से सुनीता, वार्ड तीन से सुनील बहल, वार्ड चार से रणधीर सिंह, वार्ड पांच से सुमन शर्मा, वार्ड सात से मनोज मकानी, वार्ड दस से रेखा रानी सुखरालियां, वार्ड नंबर 11 से जश्र इंसा, वार्ड 12 से नारायण सिंह, वार्ड 14 से सुदेश कुमारी, वार्ड 17से रीना सेठी, वार्ड 18 से रेणु बाला बरोड, वार्ड 19 से नीतू सोनी, वार्ड 21 से रोहताश कुमार, वार्ड 22 से बलजीत कौर, वार्ड 23 से राजेश गुज्जर, वार्ड 26 से ख्याली राम,वार्ड 27 से महावीर सिंह, वार्ड 28 से सुमन लता, वार्ड 29 से ज्ञान देवी, वार्ड 30 से रेणु बाला, वार्ड 31 से आशा रानी ने वोटिंग की।

चेयरपर्सन शीला सहगल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया है। वे इसकी रिपोर्ट अब डीसी को देंगे। आगे किसे चार्ज दिया जाएगा। ये डीसी ही बताएंगे।
अमित कुमार, एसडीएम सिरसा।
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