अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
गर्मी के मौसम को मद्देनजर रखते हुए जिले में हैजा और पीलिया जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़े कदम उठाए गए हैं। जिलाधीश प्रभजोत सिंह ने एक आदेश जारी कर जिला में गले-सड़े व कटे फलों जैसे तरबूज, खरबूजा, कटी और गली-सड़ी सब्जियों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ-साथ पब्लिक एनालिस्ट हरियाणा चंडीगढ़, स्टेट बेक्टिरियोलॉजिस्ट करनाल, माइक्रो-बायोलॉजी डिपार्टमेंटल मेडिकल कॉलेज रोहतक अथवा मेडिकल अफसर इंचार्ज वाटर लैब, जनरल अस्पताल सिरसा के बिना पास किए गए मिनरल वाटर, बर्फ के गोले, आईसक्रीम, कुल्फियों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
जिलाधीश की ओर से पारित आदेशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का खुले में रखा जूस, केक, मिठाइयां, बिस्कुट और अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री भी नहीं बेच सकता। आदेशों के अनुसार जिले में उक्त प्रकार की खाद्य सामग्री के निरीक्षण एवं जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट करने हेतु जिले के सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेटों, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला चिकित्सा अधिकारी, जिला परिवार कल्याण अधिकारी, सभी सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सा अधिकारी, नगरपालिकाओं एवं नगर परिषदों के सचिव, कार्यकारी अधिकारी, राजकीय फूड इंस्पेक्टर, सभी मल्टीपरपज हेल्थ सुपरवाइजर आदि को अधिकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उक्त अधिकारियों को पीलिया के किसी भी मामले की जांच हेतु कहीं भी किसी भी स्थान पर निरीक्षण के लिए प्रवेश हेतु अधिकृत किया है।
इसके अतिरिक्त, जिला में पीने के पानी के कुओं व अन्य स्रोतों के आसपास कपड़े धोने, पशुओं को नहलाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। सार्वजनिक यातायात, वाहनों एवं बस इत्यादि में उल्टी-दस्त के मरीजों के सफर करने पर भी रोक रहेगी। आदेशों में कहा गया है कि उनकी अनुमति के बिना जिला में किसी प्रकार का मेला आयोजित नहीं किया जा सकेगा। जिलाधीश द्वारा पारित आदेशानुसार संबंधित ग्रामीणों व शहरी क्षेत्रों के चिकित्सा अधिकारियों, ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं व नगर परिषदों के प्रधानों को 24 घंटे के अंदर-अंदर पीलिया से संबंधित मामलों की जिला के सिविल सर्जन को रिपोर्ट करनी होगी। ये आदेश 31 दिसंबर 2018 तक लागू रहेंगे