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सीडीएलयू कर्मचारी आंदोलन :

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने को लेकर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय मेें एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन और आउटसोर्सिंग एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले धरना 18वें दिन में प्रवेश कर गया तथा आमरण अनशन भी 11वें दिन में प्रवेश कर गया। विद्यार्थियों ने आमरण अनशन पर बैठे छात्र अमित कुमार का अनशन अस्पताल में जूस पिलाकर तुड़वा दिया, जबकि दो अनशनकारी कर्मचारी देवीलाल और श्रवण कुमार मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर विवि प्रशासन लिखित में आश्वासन देता है तो वे हड़ताल समाप्त करेंगे अन्यथा उनका संघर्ष जारी रहेगा। यूनियन की ओर से वीरवार को सीएम का पुतला फूंकने का भी कार्यक्रम था, लेकिन अनशनकारी कर्मचारी श्रवण कुमार की हालत ज्यादा खराब होने के कारण एक बार पुतला फूंकने का फैसला स्थगित कर दिया। रजिस्ट्रार असीम मिगलानी वीरवार को नागरिक अस्पताल में जाकर चिकित्सकों से मिले।
कर्मचारियों के आंदोलन के कारण विश्वविद्यालय से जुड़े 58 कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। सबसे ज्यादा परीक्षाओं के रिजल्ट प्रभावित हो रह हैं। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन और आउटसोर्सिंग एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ-साथ संगठन के पूर्व प्रधान महेंद्र बेनीवाल, रमेशचंद्र हंस व डिप्टी सुपरींटेंडेंट रश्मि को भी विश्वविद्यालय में गैर कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कानूनी नोटिस भिजवाया गया है। जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है कि विश्वविद्यालय प्रशासन बातचीत की बजाय उन पर दबाव बनाकर मामलों को दबाने का काम कर रहा है लेकिन वे अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहीं पर्यटन विभाग के चेयरमैन व भाजपा नेता जगदीश चोपड़ा ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए वाइस चांसलर प्रो. विजय कायत से बात करने का भरोसा दिया है। इसी प्रकार कांग्रेस नेता नवीन केडिया एवं भाजपा नेता प्रो. गणेशीलाल ने भी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में संवाद की जरूरत बताई है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने भिजवाया कानूनी नोटिस
गैर शैक्षणिक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी आवाज को दबाने के लिए देविवि प्रशासन की ओर से उनके दोनों संगठनों एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन और आउटसोर्सिंग एंप्लाइज वेलफेयर ऐसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ-साथ संगठन के पूर्व प्रधान महेंद्र बेनीवाल, रमेशचंद्र हंस व डिप्टी सुपरींटेंडेंट रश्मि को भी कानूनी नोटिस भिजवाया गया है। जिसमें कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय में गैर कानूनी रुप से धरना, प्रदर्शन व गैर कानूनी गतिविधियों को अपना रहे हैं। हालांकि जिस समय अदालत की ओर से उपरोक्त संगठन व व्यक्तियों के नाम कानूनी नोटिस भिजवाए गए थे, उस समय संगठन के अधिकांश पदाधिकारी व सदस्य नागरिक अस्पताल में अनशन पर बैठने की वजह से गंभीर रूप से बीमार हुए अपने सहयोगियों का हाल पता करने के लिए गए हुए थे। वहां से लौटने के बाद जब संगठन पदाधिकारियों व सदस्यों को कानूनी नोटिस का पता चला तो उन्होंने इस मामले पर बैठक आयोजित कर इस मामले में आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है।

क्यों बात नहीं कर रहे कुलपति : कुलदीप गहलोत
गैर शैक्षणिक कर्मचारी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी कुलदीप गहलोत ने बताया कि गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों के समर्थन में जो हड़ताल की जा रही है, उन मांगों पर कुलपति प्रो. विजय कायत की ओर से कोई बात नहीं की जा रही जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने बताया कि कुलपति को मांगों के प्रति अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। गहलोत ने बताया कि वे चाहते हैं कि कुलपति उनसे संवाद करें और अपनी शक्तियों के हिसाब से संगठन की मांगों के प्रति अपना रूख स्पष्ट करें। कुलदीप गहलोत ने बताया कि उनके संगठन के एक सदस्य श्रवण की नागरिक अस्पताल में स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि श्रवण का उपचार करने वाले चिकित्सकों ने संगठन पदाधिकारियों को बताया कि श्रवण की 25 फीसदी किडनी डैमेज हो गई है। चिकित्सकों के मुताबिक उसे बेहतर उपचार के लिए सिरसा से कहीं अन्य जिले में उपचाराधीन कराया जाना चाहिए।
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विद्यार्थियों ने अनशनकारी छात्र का जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन
विद्यार्थियों ने आमरण अनशन पर बैठे छात्र अमित कुमार का अनशन अस्पताल में जूस पिलाकर तुड़वा दिया, जबकि दो अन्य अनशनकारी देवीलाल और श्रवण कुमार मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर विवि प्रशासन लिखित में आश्वासन देता है तो वे हड़ताल समाप्त करेंगे अन्यथा उनका संघर्ष जारी रहेगा। यूनियन के प्रधान बजरंग लाल ने बताया कि 18 दिन हड़ताल को बीत जाने के बाद भी कुलपति कर्मचारियों की मांगों से भाग रहे है। कर्मचारियों ने कुलसचिव को बातचीत के बारे में कह दिया था, लेकिन कुलसचिव ने कर्मचारियों को बताया कि कुलपति ने कर्मचारियों की मांग को मानने से मना कर दिया है। कुलपति ने कहा कि वह हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगें नहीं मानेंगे। बजरंग लाल ने कहा कि कुलपति अपने अड़ियल रवैये के कारण कर्मचारियों की मांगें न मानकर विद्यार्थियों का परिणाम, परीक्षाएं और अन्य कार्य लंबित कर रहा है, जिससे प्रदेश की आम जनता परेशान हैं। उधर, अनशनकारी श्रवण कुमार ने बताया कि बताया जाता है कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अस्पताल में तो आए और चिकित्सकों से मिलकर वापिस चले गए, लेकिन उनसे मिलने व हाल चाल पूछने के लिए उनके पास ही नहीं आए।
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