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कुछ दिनों पहले थर्ड पार्टी टीम ने नारायण सिंह वाली गली में टाइलें लगाने की रिपोर्ट ओके कर दी थी, ईओ ने खुद निरीक्षण किया तो गली

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। बेगू रोड पर एक सड़क के निर्माण में बड़ी धांधली सामने आई है। खास बात यह है कि नगर परिषद के ईओ की समझदारी के कारण यह पकड़ में आ गई है तथा अब मामले की जांच की जा रही है।
आपको बता दें कि नगर परिषद ने शहर में कई गलियों और सड़कों के निर्माण के ठेके दिए थे। लगभग 20 लाख रुपये से बेगू रोड स्थित एक गली का निर्माण भी किया जाना था। हुआ यह कि ठेकेदार ने गली में टाइलें ही नहीं लगाई और इसकी फाइल विभाग को भेज दी, जिसमें गली का निर्माण कार्य पूरा दिखाया गया था। हद तो तब हो गई, जब कुरुक्षेत्र की थर्ड पार्टी ने गली निर्माण रिपोर्ट को ओके दिखाया और पेमेंट की मंजूरी के लिए फाइल नगर परिषद के ईओ के पास पहुंच गई। ईओ ने फाइल पास करने से पहले गली का निरीक्षण किया।
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वहां का सीन कर देखकर वे हैरान रह गए। जिस गली को थर्ड पार्टी ने ओके दिखाया था, वहां पर टाइल भी नहीं लगी हुई थी। इस पर ईओ ने थर्ड की टीम को फिर से मौके पर बुलाया। बुधवार को टीम मौके पर पहुंची तो ईओ ने फाइल और गली दोनों ही टीम को दिखाई। टीम के सदस्य रिटायर्ड एसडीओ नानकचंद ने माना कि गली में टाइल नहीं हैं और रिपोर्ट पर हस्ताक्षर भी उन्हीं के हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही।
तीन और गलियाें के भी लिए सैंपल
थर्ड पार्टी की तीन सदस्यीय टीम ने शहर की तीन और गलियों के भी सैंपल लिए। टीम ने खालसा स्कूल वाली गली, सिविल अस्पताल बाई पास रोड वाली सड़क और रानियां रोड पर भी सैंपल लिए गए। तीनों ही जगह के सैंपलों में क्वालिटी सही पाई गई।

ईओ बोले, हो जाती 20 लाख रुपये की पेमेंट
थर्ड पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे ईओ वीरेंद्र सहारण ने टीम के सदस्यों से कहा कि अगर मैं आपकी रिपोर्ट के आधार पर फाइल पर साइन कर देता तो ठेकेदार को 20 लाख रुपये की पेमेंट हो जाती। उसका जिम्मेवार कौन होता। इस पर रिटायर्ड एसडीओ नानकचंद ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। किस स्तर पर हुई गलती से रिपोर्ट ओके हुई है, इसका पता लगाया जाएगा।

और सड़कों पर भी सवालिया निशान
जिस समय थर्ड पार्टी टीम खालसा स्कूल वाली निर्माणाधीन सड़क के सैंपल ले रही थी उस समय कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि वार्ड नंबर 26 में एक गली का निर्माण सही नहीं हुआ, फिर भी रिपोर्ट ओके कर दी गई। इस पर रिटायर्ड एसडीओ नानकचंद ने कहा कि वे हमने नहीं की। रिटायर्ड एसडीओ ने कहा कि आप हमें ऐसी गलियों की लिस्ट बनाकर दें, जिस पर आपको संदेह है। हम सभी की दोबारा से थर्ड पार्टी मॉनीटरिंग कर देंगे।

क्या होती है थर्ड पार्टी
जब भी नगर परिषद या नगर निगम शहर में कोई विकास कार्य करवाती है तो उसकी जांच दो स्तर पर की जाती है। पहली प्रशासनिक स्तर पर की जाती है। दूसरी नप द्वारा किसी फर्म को जांच के लिए ठेका दिया जाता है। इसके लिए नगर परिषद थर्ड पार्टी को टेंडर की राशि का 0.4 प्रतिशत भुगतान किया जाता है। खास बात यह है कि दोनों ही जांच रिपोर्ट ओके हुए बिना ठेकेदार को पेमेंट नहीं की जाती है। सैंपल उचित नहीं पाए जाने पर ठेकेदार की पेमेंअ रोक दी जाती है तथा नुकसान की भरपाई की जाती है।
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कुछ दिनों पहले मेरे पास थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट ओके होकर नारायण सिंह वाली गली का भुगतान करने के लिए आई थी। लेकिन जब मैंने खुद ही इस गली का विजिट किया तो इस गली में टाइलें ही नहीं लगाई गई थी। इस पर हमने थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग टीम को दोबारा बुलाया है। थर्ड पार्टी टीम इस रिपोर्ट की जांच करवाएंगी।
- वीरेंद्र सहारण, ईओ नगरपरिषद सिरसा।
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