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छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद डीसी और एसपी ने डेरे तक निकाला फलैग मार्च

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छत्रपति हत्याकांड के फैसले के दिन बंद रहे डेरे के बाजार
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सिरसा। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को छत्रपति हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद शुक्रवार को सिरसा में शांति बनी रही। फैसला आते ही पुलिस ने डेरे के ओर आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। दोषी करार दिए जाने के बाद डीसी प्रभजोत सिंह व एसपी अरुण सिंह ने डेरा मुख्यालय तक फ्लैग मार्च निकाला। डीसी और एसपी ने ने जिया नाके तक सुरक्षा प्रबंधनों की जांच की। इसके बाद काफिला वापस आ गया। वहीं छत्रपति हत्याकांड में आने वाले फैसले को लेकर शहर के सभी बाजार आम दिनों की तरह ही खुले रहे। बाजारों में रौनक भी सामान्य ही रही। सिरसा में सुरक्षा के लिहाज से तीन हजार पुलिस बल तैनात हैं। इनमें दस डीएसपी और 21 इंस्पेक्टर सिरसा और डेरा क्षेत्र में ड्यूटी पर नियुक्त किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में फैसला आने से पहले वीरवार को शाह मस्ताना के पुराने डेरे के पास अधिकांश दुकानें खुली थी। वीरवार को थोड़ी बहुत चहल पहल थी, लेकिन शुक्रवार को सच मार्केट में कोई भी दुकान खुली नहीं। डेरा प्रेमी घरों में रहे। वहीं डेरे की कॉलोनियों के मुख्य गेट भी अंदर से ही बंद रहे। इसके अलावा डेरा सच्चा सौदा के मुख्य द्वार के पास भी खाने पीने की सभी दुकानें शुक्रवार को बंद रही। गिने चुने सेवादार ही बाहर गेटों पर तैनात थे और फैसले का इंतजार कर रहे थे।
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डेरा प्रमुख के खिलाफ फैसला आने पर डेरा प्रेमी बोले, जो मालिक दी मर्जी
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसा के खिलाफ फैसला आने के बाद डेरा की 45 मैंबरी कमेटी के सदस्य कृष्ण चौहान और दो सदस्य चार और पांच नंबर गेट पर पहुंचे। फैसले पर आपस में बातचीत में डेरा प्रेमियों ने कहा कि जो मालिक दी मर्जी। इसके बाद वे भी वापस डेरा के अंदर ही चले गए। फैसले के बाद डेरा के गेटों पर तैनात सेवादारों में भी निराशा छाई रही। वहीं बाकी डेरों में भी धारा 144 लगने के कारण दो तीन सेवादार ही बाहर थे।
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अंशुल छत्रपति के घर पर पुलिस का सख्त पहरा
रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसा के प्रति आने वाले फैसले को लेकर सुबह से उसके घर पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हुए थे। हालांकि उनके घर पर कोई पारिवारिक सदस्य मौजूद नहीं था। लेकिन फिर भी पुलिस घर के आसपास आने जाने वालों लोगों से पूछताछ कर रही थी। अंशुल का परिवार एक दिन पहले ही सिरसा से चला गया था।
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