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प्रो. सुसाइड मामले की जांच को लेकर एसएफआई ने सौंपा डीसी को ज्ञापन

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प्रो. सुसाइड मामले की जांच को लेकर एसएफआई ने सौंपा डीसी को ज्ञापन
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जिला कमेटी ने चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में फिजिक्स के प्रोफेसर और परीक्षा नियंत्रक प्रो. प्रवीण अगमकर की आत्महत्या की जांच को लेकर उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सदस्यों ने कहा कि इस घटना ने विश्वविद्यालय कुलपति की कार्यप्रणाली को संदेह के दायरे में ला खड़ा किया है। एसएफआई पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने के साथ कुलपति को पद से हटाने की मांग करती है। एसएफआई राज्य सहसचिव विनोद गिल ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षक की आत्महत्या बेहद ही दुखद है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रो. पर लगातार दबाव बनाया जाना, उन्हें प्रताड़ित करना विश्वविद्यालय कुलपति की तानाशाही को दिखाता है। जिन पर आरएसएस एवं भाजपा की कृपा दृष्टि बनी हुई है। विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाएं न के बराबर हैं। शिक्षकों गैर शिक्षकों के सैकड़ों पर खाली पड़े हैं। उन पर स्थायी भर्ती करनेे व काम का दबाव कम करने की बजाए कुलपति द्वारा परीक्षा नियंत्रक को रिजल्ट जारी करने की एवज में प्रताड़ित करना व कार्यवाही की चेतावनी देना कुलपति की तानाशाही को दिखाता है। छात्र व शिक्षक बुनियादी सुविधाओं के लिए कुलपति से मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में दर्जनों शिक्षक जिनसे अतिरिक्त काम लिया जा रहा था। उन्होंने कार्य से इनकार कर दिया है। राज्य कमेटी सदस्य महक ने बताया की परीक्षा नियंत्रक प्रो. प्रवीण अगमकर कुलपति को तीन बार अपने पद से इस्तीफा देने के लिए लिख चुके थे। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार इसे हल्के में लेता रहा। काम के मानसिक दबाव में आकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। एसएफआई राज्यपाल से मांग करती है की इस केस की सीबीआई जांच करवाई जाए, दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। इस मौके पर महक, समेस्त्ता, प्रत्यक्ष, पूजा, जयवीर, पंकज, रमेश, पवन शामिल रहे।
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