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Sirsa News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में 800 टन कचरा जमा

Wed, 12 Aug 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा नेशनल कॉलेज के बाहर लगे कचरे के ढेर,परिषद ने ख़डी की ट्रॉली
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एजेंसी कर्मचारियों ने कचरा उठाने की कोशिश की, हड़ताली कर्मचारियों ने विरोध कर वाहन लौटाए
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बुधवार को छठे दिन भी कचरे की उठान नहीं हुई। हड़ताल के कारण शहर के डंपिंग पॉइंटों पर लगातार कचरा जमा हो रहा है। सड़कों और गलियों में भी कूड़े के ढेर नजर आने लगे हैं।
बस स्टैंड, रानियां रोड, डाकखाना तथा सिरसा क्लब के पास बने डंपिंग पॉइंट कचरे से भर चुके हैं। कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। हड़ताल के चलते शहर में करीब 800 टन कचरा जमा होने का अनुमान है।
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बुधवार को पुरानी नगर परिषद में खड़ी एजेंसी की डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियों को निकालने का प्रयास किया गया। जैसे ही इसकी सूचना हड़ताली कर्मचारियों को मिली, वे मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। सफाई कर्मचारियों ने काफी देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विरोध के बाद एजेंसी के कर्मचारियों को गाड़ियां लेकर बैरंग लौटना पड़ा। हड़ताली कर्मचारियों ने एक भी गाड़ी को चलने नहीं दिया। विरोध को देखते हुए पुलिस कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा गाड़ियां चलाने का प्रयास किया गया तो वे टायर पंक्चर कर देंगे। इसकी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
घरों में डस्टबिन भरने से लोग परेशान
डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। बाजारों और गली-मोहल्लों में सफाई नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। घरों में डस्टबिन भरने के कारण लोग भी परेशान हैं। कई लोग रात के समय पॉलिथीन में कचरा भरकर सड़कों पर फेंक रहे हैं। बाजारों में भी हालात बदतर होते जा रहे हैं। डिवाइडरों के किनारे कचरे के ढेर लग रहे हैं और दूर-दूर तक गंदगी नजर आ रही है।
कॉलेज और विश्वविद्यालय के आसपास लगे कचरे के ढेर
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मिनी बाईपास गेट की ओर डंपिंग पॉइंट बनाया गया है। यहां पर बड़े स्तर पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इससे विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी प्रकार, नेशनल कॉलेज और नेशनल महिला कॉलेज के मुख्य गेट के बाद कचरे के ढेर देखने को मिल रहे है। इस कारण सड़कों पर बदबू भरा माहौल हो गया है।
कई जगह पर कचरा एकत्र करने वाले कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल
कचरा संग्रहण करने वाले कर्मचारी भी हड़ताली सफाई कर्मचारियों के साथ शामिल हो गए हैं। शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर से लोगों में भी रोष बढ़ रहा है। कचरे से उठने वाली बदबू से लोग परेशान हैं। इसके साथ ही गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। बारिश के कारण स्थिति और खराब हो गई है। सड़कों तथा डंपिंग पॉइंटों के बाहर पड़ा कचरा बारिश के पानी में भीगने से सड़ने लगा है जिससे दुर्गंध और बढ़ गई है। कई स्थानों पर कचरे में आग भी लगाई जा रही है, जिससे प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। शहर में बस अड्डा, सिरसा क्लब, रानियां चुंगी, सब्जी मंडी, गोशाला रोड, सतनाम सिंह चौक, पोस्ट ऑफिस क्षेत्र सहित कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं।
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सात दिन से सफाई ठप, जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर
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संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। नगर पालिका कर्मचारियों की पिछले सात दिनों से जारी काम बंद हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नियमित सफाई और कूड़ा उठान नहीं होने से सिरसा-जीवन नगर मुख्य मार्ग, मुख्य बाजार, गलियों, चौक-चौराहों तथा विभिन्न मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं।
सार्वजनिक स्थानों के आसपास जमा गंदगी से शहरवासियों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार कई दिनों से कूड़ा जमा रहने के कारण दुर्गंध फैलने लगी है। वहीं, गंदगी के आसपास मक्खी-मच्छरों की बढ़ती संख्या से लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं।
दुकानदारों का कहना है कि बाजार में पसरी गंदगी और बदबूदार वातावरण का सीधा असर ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार पर पड़ रहा है। राहगीरों को भी कई स्थानों पर कूड़े के ढेर के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए हड़ताल का शीघ्र समाधान कराया जाए और शहर की सफाई व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए। लोगों का कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों और आमजन की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सरकार एवं प्रशासन को वार्ता के माध्यम से सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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