अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बर्खास्त किए गए एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 14वें दिन सोमवार को भी जारी रही। इस दौरान जिले की आशा वर्करों ने धरना स्थल पर पहुंचकर एनएचएम कर्मचारियों को अपना समर्थन देने की घोषणा की। आशा वर्कर कहा कि सरकार ने एनएचएम कर्मियों के हक में फैसला नहीं लिया तो सभी वर्कर हड़ताल पर बैठ जाएंगी।
प्रधान कुंदन गावड़िया ने कहा कि मंगलवार से हड़ताल दिन रात के लिए शुरू हो जाएगी। तीन दिन बाद सभी कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे जाएंगे। इसके बावजूद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
दोपहर को एनएचएम कर्मचारी संघ ने सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा। डिप्टी सीएमओ प्रमोद शर्मा ने बताया कि विभाग में एंबुलेंस चालकों को छोड़कर सारा स्टाफ पर्याप्त मात्रा में है। हड़ताल के चलते जिले में 34 एंबुलेंस चालकों को बर्खास्त कर दिया था। रोडवेज विभाग ने 200 चालकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी है। इस सूची के आधार पर 34 चालकों का चयन किया जाएगा। ये प्रक्रिया मंगलवार तक पूरी हो जाएगी। इस मौके पर एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रधान कुंदन गावड़िया, अनिल मलिक, चेतन, डॉ. जयपाल, सुरेंद्र मौजूद थे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भारी वाहन चालक उपलब्ध करवाने की मांग रोडवेज से की गई थी। रोडवेज विभाग ने भारी वाहन चलाने में कुशल चालकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। सूची में 200 चालकों के नाम हैं। स्वास्थ्य विभाग इनमें से जरूरत के अनुसार चालकों का चयन कर सकता है।
- मनोज शर्मा, कर्मशाला प्रभारी, सिरसा डिपो