डेरा प्रमुखी को दोषी ठहराए जाने पर आज के दिन ही सिरसा में बिगड़े थे हालात
सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रकरण को लेकर सिरसा में हुई हिंसा को एक वर्ष हो गया है। 25 अगस्त 2017 के दिन जो कुछ हुआ वो आज भी सिरसावासियों के जेहन में है। इस दिन सीबीआई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जैसे ही सीबीआई कोर्ट ने साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया तो सिरसा में हालात बिगड़ गए। डेरा सच्चा सौदा में मौजूद हजारों डेरा प्रेमी लाठियां लेकर डेरा से बाहर निकल आए। डेरा प्रेमियों ने सबसे पहले डेरा के पास कवरेज के लिए खड़े मीडिया कर्मियों पर हमला बोल दिया। एक न्यूज चैनल की ओबी वैन को तोड़ दिया। मीडिया को निशाना बनाने के बाद डेरा प्रेमियों ने डेरा से स्टे गांव बेगू में बिजली घर को आग लगा दी। पुलिस व अर्ध सैनिक बलों ने डेरा प्रेमियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन इसका हजारों डेरा प्रेमियों पर कोई असर नहीं हुआ। डेरा प्रेमी हाथों में हथियार व पेट्रोल बम लेकर बेगू रोड स्थित मिल्क प्लॉट में घुस गए और उसमें आग लगा दी। डेरा प्रेमियों के तांडव देखते हुए सिरसा वासी बुरी तरह सहम गए। डेरा के आसपास बनी कॉलोनियों से डेरा प्रेमी घरों से बाहर आए और सुरक्षा बलों पर पथराव करने लगे। स्थिति बेकाबू होते देख सुरक्षा बलों को फायरिंग करनी पड़ी। इस घटना के बाद उग्र डेरा प्रेमियों ने बेगू स्थित ग्रामीण बैंक के एटीएम को फूंक दिया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े तो डेरा प्रेमियों ने पुलिस व अर्ध सैनिक बलों पर फायरिंग कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने भी फायरिंग की। डेरा प्रेमियों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा बलों को इस क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद प्रशासन ने हालात को काबू करने के लिए सेना को सिरसा बुला लिया। शाम पांच बजकर 40 मिनट पर सेना सिरसा पहुंची और मोर्चा संभाला। पूरे घटनाक्रम से लेकर 19 दिनों तक सिरसा में कर्फ्यू लगा रहा।