संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए सात साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी श्रवण सिंह जिला हनुमानगढ़ राजस्थान का रहने वाला है। इस मामले आरोपी रोहित को कोर्ट ने सबूत के अभाव में बरी कर दिया। दोनों के खिलाफ रानियां थाना पुलिस ने 23 मार्च 2022 को प्राथमिकी दर्ज की थी। जुर्माना राशि में से पीड़ित को 40 हजार रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
पुलिस को दिए बयान में 17 वर्षीय नाबालिग ने बताया था कि रोहित से उसकी जान-पहचान है। 21 मार्च 2022 को दोपहर 12 बजे उसके उसके पास रोहित के दोस्त श्रवण सिंह का फोन आया। उसने बताया कि रोहित का एक्सीडेंट हो गया है। वह अस्पताल में भर्ती है। रोहित उससे मिलना चाहता है। श्रवण सिंह ने उसे गांव नथोर के बस स्टैंड पर बुलाया।
जब वह वहां पहुंची तो श्रवण सिंह उसे अपनी बाइक पर बैठाकर रोहित के घर के सामने ले गया। रोहित के घर पर ताला लगा हुआ था। श्रवण ने उसे बताया कि घरवाले रोहित के पास हनुमानगढ़ अस्पताल गए हुए हैं। इसके बाद श्रवण उसे हनुमानगढ़ ले गया। यहां श्रवण ने उसे अस्पताल के सामने एक घंटे बैठाए रखा। उसके सिर में दर्द होने लगा तो श्रवण दवा लेने चला गया। उसने उसे एक गोली दी, जिससे तबीयत बिगड़ गई।
इसके बाद श्रवण उसे एक खेत में ले गया और उसकी पीठ पर एक इंजेक्शन लगा दिया। बाद में श्रवण ने दुष्कर्म करने की कोशिश की। नाबालिग के विरोध करने पर श्रवण उसे खेत में अकेला छोड़कर चला गया। इसके बाद नाबालिग सड़क पर पहुंची और एक ऑटो रिक्शा से लिफ्ट ली। ऑटो रिक्शा चालक ने उसे हनुमानगढ़ मार्केट में उतार दिया।
यहां से उसने अपने गांव के सरपंच को फोन कर सारी आपबीती बताई। इसके बाद सरपंच व घरवाले उसे हनुमानगढ़ लेने आ गए। नाबालिग ने आरोप लगाया कि रोहित भी इस साजिश में शामिल था। सोमवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने आरोपी श्रवण सिंह को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुना दी। आरोपी रोहित को बरी कर दिया।