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Sirsa News: सरकारी स्कूलों के 65 प्रतिशत विद्यार्थियों को नहीं पता कहां करनी है शिकायत

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कुमारी सैलजा
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सिरसा। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था में बेहद गंभीर खामियां उजागर हो रही हैं। राज्य के 60 प्रतिशत स्कूलों में शिकायत पेटियां तक नहीं लगी हुई है, जबकि 80 प्रतिशत विद्यालयों में शिकायत निवारण समितियां लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी हैं। स्थिति यह है कि 65 प्रतिशत विद्यार्थियों को यह भी जानकारी नहीं कि किसी समस्या की शिकायत किससे करनी है।
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ये तथ्य बताते हैं कि स्कूलों में सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम न तो लागू हुए और न उनकी निगरानी की गई। यदि सरकार इस दिशा में तुरंत और ठोस कदम नहीं उठाती है, तो यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ माना जाएगा और जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विद्यालय सुरक्षा के मामले में पूर्णत: विफल रही है।
बच्चों के उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं लेकिन सरकार ने न तो कोई ठोस नीति बनाई और न ही मौजूदा सुरक्षा तंत्र को प्रभावी ढंग से लागू किया। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों में दिखाई जाती है, जबकि धरातल पर स्थिति बेहद भयावह है। सैलजा ने कहा कि विद्यालय बच्चों के सुरक्षित विकास का स्थान होते हैं और यदि वहीं असुरक्षा का माहौल बन जाए तो यह पूरे समाज की असफलता है।
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सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार से तत्काल सभी विद्यालयों में शिकायत पेटियां लगाने, निष्क्रिय समितियों को तुरंत सक्रिय करने और विद्यार्थियों को शिकायत प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए राज्यस्तरीय जागरूकता पहल शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरती है, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि जवाबदेही तय हो सके।
कुमारी सैलजा ने यह भी कहा कि विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की तिमाही समीक्षा अनिवार्य की जाए, ताकि किसी भी ढिलाई को समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह केवल कोई प्रशासनिक मुद्दा नहीं है बल्कि हर बच्चे के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों का प्रश्न है। यदि सरकार इस दिशा में तुरंत और ठोस कदम नहीं उठाती है, तो यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ माना जाएगा और जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
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