ओढां। उपायुक्त के आदेशों के बावजूद भी पंचायतें अवैध कब्जे हटवाने में नाकामयाब साबित रही हैं। इसका उदाहरण गांव रत्ताखेड़ा मेें देखा गया। जहां प्रशासन द्वारा दिए गए आदेशों के बावजूद भी पंचायती भूमि पर निर्माण चलता रहा। वहीं शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार सूचना दिए जाने के बाद खंड कार्यालय के अधिकारियों ने यह कहकर औपचारिकता निभाते हुए कार्य बंद करवाने के लिए ग्राम सचिव को भेज दिया गया है। जबकि ग्राम सचिव पूरा दिन मौके पर ही नहीं पहुंचा।
इस मामले में युवती द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में तलब किया है। शिकायतकर्ता इंद्राज सिंह ने बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाला एक सरकारी कर्मचारी पंचायती भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कर रहा है। इसके लिए उसने बीडीपीओ कार्यालय को सूचना दी। जिसके बाद कार्य बंद करवा दिया गया था लेकिन उसके बावजूद भी उक्त कर्मचारी ने कार्य पुन: शुरू कर दिया। गौरतलब हो कि इससे पहले भी उक्त कर्मचारी के निर्माण कार्य को लेकर काफी हंगामा हुआ था। जिसके बाद पंचायत विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्य बंद करवा दिया था। शिकायकर्ता का आरोप है कि उक्त कर्मचारी सरपंच की शय पर अवैध निर्माण कर रहा है। वहीं इस मामले की शिकायत मिलने के बाद एसईपीओ ने ग्राम सचिव को गांव में भेजकर निर्माण कार्य बंद करवाने के निर्देश दिए।
सोमवार को इस मामले में कार्रवाई की जाएगी- बिश्नोई
एसईपीओ सतपाल बिश्नोई ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने पंचायती भूमि पर पहले से ही कब्जा किया हुआ है। उसी जगह पर वह नया निर्माण कर रहा है। इसकी सूचना मिलने के बाद हमनें ग्राम सचिव को मौके पर जाकर कार्य बंद करवाने के लिए कहा है। सोमवार को इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।