सिरसा। शनिवार को बैशाखी पर्व पर किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी। पहले दिन अनाज मंडी में शनिवार को तीन किसान गेहूं की फसल को लेकर पहुंचे। लेकिन गेहूं में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण सरकारी बोली नहीं की गई। किसान सरकारी बोली के इंतजार में बैठे रहे।
दूसरी ओर सरसों बेचने आए किसान रामेश्वर ने बताया कि सुबह उनकी फसल की नमी की जांच की गई। उसमें नमी की मात्रा 8.1 प्रतिशत दर्ज की गई। दोपहर के दो बजे नमी की जांच की गई तो उसमें नमी की मात्रा 8.5 प्रतिशत दर्ज की गई। किसान ने बताया कि हम सुबह से सरसों लेकर बैठे हैं, अभी तक कोई नहीं आया है। दोपहर में सरसों को सुखाने के बाद भी नमी की मात्रा बढ़ रही है। वहीं दूसरे किसान जगदीश ने बताया कि उसकी फसल में नमी की मात्रा ठीक है, जिस कारण उनको कोई परेशानी नहीं आई। वहीं मार्केट कमेटी के मैनेजर ओमप्रकाश ने बताया कि दिन में मौसम बदलने के कारण नमी की मात्रा बढ़ रही है। दूसरा कारण यह है कि सरसों को साफ करने से पहले कचरे का नमी प्रतिशत कम दिखाई देता है तथा साफ होने के बाद सरसों की नमी दिखाई देती है जो मीटर में दर्शाई जाती है।
मांगे पूरी होने पर लिया फैसला
ई-ट्रेडिंग व अन्य मांगों के विरोध आढ़ती एसोसिएशन के तीन दिन से चल रहे धरने तथा अनिश्चितकालीन हड़ताल को मांगे पूरी होने के बाद चौथे दिन समाप्त कर दिया गया। दी आढ़ती एसोसिएशन सिरसा के प्रधान हरदीप सरकारिया ने कहा कि आढ़तियों की मांगे जायज थी तभी सरकार झुकी है। यह आढ़तियों की एकजुटता का प्रतिफल है। इस सिलसिले में प्रधान हरदीप सरकारिया ने कहा कि प्रदेश सरकार आढ़तियों पर ई-ट्रेडिंग प्रणाली थोपना चाहती थी, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं था। आढ़तियों को दबाने के लिए सरकार ने कई पैतरे अजमाए। लेकिन आढ़ती झुकने की बजाए एकजुट हो गए और सरकार को कुछ ही दिनों के भीतर आढ़तियों की तमाम मांगों पर स्वीकृति देनी पड़ी। अन्य प्रदेशों के किसान पहले की तरह मंडियों में अपनी फसल बेच पाएंगे।
80 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल पककर तैयार
ऐलनाबाद। प्रदेश सरकार व आढ़तियों में कुछ शर्तों पर सहमति हो जाने के बाद आढ़ती एसोसिएशन ने चौथे दिन अढ़ाई घंटे बैठने के बाद धरना समाप्त कर दिया है। इससे सबसे बड़ी राहत क्षेत्र के करीब 25000 गेहूं उत्पादक किसानों को मिली है। जिनके 80 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। उधर एक ओर आढ़ती गेहूं न तौलने की चेतावनी दे रहे थे, वहीं सरकार के लिए अपने स्तर पर व्यवस्था कर पाना मुश्किल लग रहा था।
किसानों को राहत
उधर शनिवार को स्थानीय मंडी में गेहूं की आवक भी शुरू हो गई। पहले दिन मंडी में करीब 30 ट्राली गेहूं की आवक दर्ज की गई है। वहीं जीवननगर मंडी में 20 ट्राली गेहूं की आवक हुई है। अभी नमी अधिक होने के चलते खरीद शुरू नहीं हो पाई है ।