अमर उजाला ब्यूरो
ऐलनाबाद। खंड के गांव अमृतसर कलां व अमृतसर खुर्द में रविवार को निशुल्क कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से नवगठित कानूनी जागरूकता मंच के अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह भादू व सुरेन्द्र सरदाना ने शिरकत कर ग्रामीणों को प्राथमिकी (एफआईआर) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दोनों गांवों के सरपंच हरभेज सिंह व बलविंद्र सिंह सहित उपस्थित ग्रामीणों ने कानून के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अधिवक्ता सुरेंद्र सुरदाना व वीरेंद्र भादू ने बताया कि न्याय की पहली सीढ़ी एफआईआर है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को एफआईआर संबंधित अधिकारों की जानकारी का होना बेहद जरूरी है। किसी भी अपराध के बाद बिना किसी देरी से एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए। एफआईआर दर्ज करने से आपको कोई एसएचओ मना नहीं कर सकता। यह आपका अधिकार है। यदि कोई पुलिस वाला इसमें मना करता है तो आप इसकी शिकायत एसपी को कर सकते हैं। इसके बाद भी आपकी अनदेखी होती है तो आप कोर्ट का सहारा ले सकते हैं। कोर्ट के आदेश के बाद भी यदि संबंधित अधिकारी एफआईआर दर्ज नहीं करता तो उसे जेल हो सकती है। आप इसे किसी भी थाने में दर्ज करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि रपट व एफआईआर में बेहद फर्क है। रोजनामचे में दर्ज शिकायत रपट होती है, आप रपट की जगह एफआईआर लिखवाएं। जिस पर आपको 90 दिन बाद अदालत जाने का अधिकार मिल जाता है। अभी हमारे पास ऑनलाइन एफआईआर की भी सुविधा उपलब्ध है। जिसके संबंध में 24 घंटे के अंतर्गत थाना इंचार्ज को इस संबंध में रिपोर्ट करना जरूरी होता है। आप इसकी प्रतिकापी निशुल्क ले सकते हैं, कोई पुलिसकर्मी आपसे पैसे नहीं मांग सकता। एफआईआर कापी लेते समय नंबर व एसएचओ के हस्ताक्षर भी जरूर देखें।
गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आपको बिना कारण बताए कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के पारिवारिक सदस्यों को इसकी सूचना देना जरूरी होता है। वहीं इसमें अपराधी के पास वकील से बातचीत करने का अधिकार होता है। उसके पास स्वयं का मेडिकल करवाने का भी अधिकार होता है ताकि पुलिस उसे प्रताड़ित न कर सके। उसे 24 घंटे में अदालत में पेश करना भी जरूरी होता है। वहीं किसी किशोर द्वारा अपराध करने पर एफआईआर दर्ज करने के बाद, संबंधित बोर्ड को रिपोर्ट करना जरूरी है। उसे गिरफ्तार नही किया जा सकता। उधर एफआईआर के बाद महिला को सूर्य उदय से पहले व सूर्य अस्त के बाद गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।