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सुखचैन में स्वाइन फ्लू आशंकित व्यक्ति की मौत

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अमर उजाला ब्यूरो
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बड़ागुढ़ा। गांव सुखचैन में स्वाइन फ्लू से आशंकित एक व्यक्ति की मौत हो गई। 58 वर्षीय मृतक को पिछले कुछ समय से खांसी जुकाम की शिकायत थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि करते हुए कहा कि मृतक की निजी अस्पताल की रिपोर्ट में तो स्वाइन फ्लू दिखाया गया है। लेकिन जब तक मृतक की सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट उसे पॉजिटिव नहीं करार देती। दो सप्ताह में क्षेत्र में स्वाइन फ्लू आशंकित दो व्यक्तियों की मौत के बाद लोगों में भय बना हुआ है।
मृतक को पिछले कुछ दिनों से खांसी व जुकाम की शिकायत थी। जिसके चलते वह पहले तो गांव से ही छोटा-मोटा उपचार करवाता रहा। जब उसकी स्थिति मेें सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने उसका उपचार कालांवाली से करवाया। वहां भी उसकी स्थिति में कोई सुधार न होने के चलते उसे बठिंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने गांव मेें पहुंचकर मृतक के घर के सभी सदस्यों को दवाईयां दी। बताया गया है कि विभाग ने 100 से अधिक घरों का सर्वे किया है जिसमें करीब दर्जनभर लोगों को खांसी, जुकाम व बुखार का होना सामने आया है।
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गौरतलब हो कि इससे पूर्व भी 11 फरवरी को गांव मल्लेवाला में भी स्वाइन फ्लू आशंकित एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इस मामले में मृतक के परिजनों ने सिरसा के नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।
ओढां में है आइसोलेशन वार्ड लेकिन स्पेशलिस्ट नहीं :
स्वाइन फ्लू के प्रकोप के चलते ओढां व कालांवाली सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड तो बना दिया गया है। लेकिन किसी विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने के कारण ये वार्ड महज औपचारिकता के सिवाय कुछ नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीजों को आगे रेफर कर दिया जाता है। जहां मरीज सरकारी की बजाय अधिकतर निजी अस्पतालों की ओर रुख करते हैं।

सुखचैन में स्वाइन फ्लू आशंकित व्यक्ति की मौत हुई है। मैंने परिजनों से मृतक की रिपोर्ट मंगवाकर देखी थी जिसमें स्वाइन फ्लू से ग्रस्त होना दिखाया है, लेकिन हम तो स्पष्ट रूप से तभी कुछ कह पाएंगे जब हमारे पास सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट आएगी। वैसे मृतक के 10 परिजनों को उपचार दिया है। गांव में 100 से अधिक घरों का सर्वे करवाया गया है जिसमें करीब दर्जनभर लोग बुखार से पीड़ित पाए गए हैं। सभी लोगों को उपचार दे दिया गया है लेकिन उनमें स्वाइन फ्लू जैसा कोई लक्षण नहीं है।
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-डॉ. संदीप बंसल, एमओ, सीएचसी बड़ागुढ़ा

ओढां व कालांवाली सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड है। जहां आशंकित रोगी को एक बार दाखिल कर बाद में रेफर कर देते हैं। इसका कारण ये है कि विभाग द्वारा कोई विशेषज्ञ नियुक्त नहीं किया गया है।
- डॉ. भूषण गर्ग, एसएमओ (सीएचसी ओढां)
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