अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
सरकार द्वारा गरीब पात्रों के हितार्थ चलाई गई महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना गांव ओढां और नुहियांवाली में वर्षों से अधर में लटक कर रह गई है। अधिकारी लाभार्थी पात्रों को लंबे समय से महज आश्वासन ही देते नजर आ रहे हैं। आलम ये है कि काटे गए प्लॉटों पर बिजली के पोल और्र इंटों की गलियां तो बना दी गई, लेकिन इससे आगे की कार्रवाई ठंडे बस्ते में होने के कारण लोग गलियों र्की इंटें उखाड़ कर ले जा रहे हैं।
गांव ओढां में 2008 में पंचायत ने तकरीबन आठ एकड़ भूमि पर सौ सौ गज के 277 प्लॉट काटे थे। बताया जा रहा है कि इन प्लाटों की रजिस्ट्रियां हुए करीब तीन वर्ष का समय व्यतीत हो गया, लेकिन अभी तक लोगों को भूमि के रूप में मालिकाना हक नहीं मिला है। लाभार्थी राजू सोनी, पप्पी वर्मा, लीला सिंह, मुकेश कुमार, कमला देवी, देवीलाल, सुखदेव सिंह, झम्मण सिंह, मोटू राम, प्रेम कुमार आदि ने बताया कि प्लॉटों की रजिस्ट्रियां तो आ चुकी हैं, लेकिन अभी तक प्लॉट नहीं मिले। पंचायत के अनुसार कि प्लॉटों की निशानदेही हो चुकी है, लेकिन अड़चन ये आ रही है कि प्लॉटों की भूमि के साथ लगते लोगों के जो खेत हैं वे लोग ऐतराज जता रहे हैं कि उनकी भूमि पूरी की जाए। दूसरी बाधा ये आ रही है कि उक्त भूमि में से पक्का खाल और रास्ते भी हैं इसलिए समय लग रहा है। उधर पूर्व सरपंच नरेंद्र मल्हान ने कहा कि उन्होंने तो अपने समय में पात्रों के नाम रजिस्ट्रिी एवं इंतकाल करवा दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि इस विषय को लेकर उन्होंने प्रोफेसर गणेशी लाल से भी अपील की थी। जिस पर ओढां बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारियों ने एक सप्ताह का समय मांगा था लेकिन उस बात को कई सप्ताह बीत गए परंतु स्थिति जस की तस है।
उधर गांव नुहियांवाली में राजीव गांधी खेल परिसर के निकट महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत करीब पौने 3 एक ड़ भूमि में 82 पात्रों को 100-100 गज के प्लॉट काट कर आवंटित किए थे जिनकी रजिस्ट्रियां भी करीब वर्ष 2011 में हो चुकी हैं, लेकिन पंचायत विभाग के अधिकारियों के ढुल मुल रवैये के कारण पात्र कई वर्ष गुजरने के बाद भी प्लॉटों से वंचित नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व में उक्त प्लॉटों की रजिस्ट्रियां डबवाली तहसीलदार कार्यालय से गुम हो गई थी जिसके चलते बाद में उक्त रजिस्ट्रियां डुप्लीकेट निकलवाई गई हैं। पूर्ववर्ती पंचायत ने प्लॉटों की पक्की गलियां व बिजली के पोल लगवाकर अपनी तरफ से तो कार्य पूर्ण कर दिया लेकिन पात्रों को आज तक अपने प्लॉटों का मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। मौजूदा स्थिति ये है कि पक्की गलियों र्की इंटें लोग उठा ले गए व वहां पर लगे ट्रांसफार्मर के उपकरण भी गायब हो गए। इस बारे पात्रों नेे बताया कि उन्हें तो बस इतना ही पता है कि उन्हें प्लॉट मिले हैं लेकिन जब उन्हें रजिस्ट्रियां व कब्जा मिल जाएगा तभी माना जाएगा कि उन्हें सरकार ने प्लॉट दिए हैं। उन्होंने बताया कि वे इस बारे भाजपा नेता देव कुमार शर्मा से भी मिले जिन्होंने शीघ्र ही मालिकाना हक दिलवाने का आश्वासन दिया था लेकिन कई माह गुजरने के बाद भी इस विषय में हुई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है।
हमने ओढां और नुहियांवाली की पंचायत को निर्देश दे रखें हैं कि प्लॉटों की निशानदेही करवाकर पात्रों को उनका मालिकाना हक दे दिया जाए। ओढां में प्लॉटों के साथ किसानों की भूमि आने के कारण पैमाइश में परेशानी आ रही है। हम पुन: पंचायतों को निर्देश देंगे।
-भूप सिंह, एसईपीओ (खंड कार्यालय ओढां)।
गांव नुहियांवाली में प्लॉटों की रजिस्ट्रियां आ चुकी हैं। पंचायती कार्याें के कारण समय नहीं मिल पाया, लेकिन अब शीघ्र ही पैमाइश करवाकर पात्रों को रजिस्ट्रियां वितरित कर उन्हें मालिकाना हक दे दिया जाएगा।
-बाबू राम गेदर, सरपंच नुहियांवाली।
गांव ओढां में प्लॉटों में कोई देरी नहीं है। पंचायत ने कुछ दिन पूर्व निशानदेही करवाई थी, लेकिन बरसात आने के कारण निशान मिट गए। हम पुन: निशानदेही करवाक र पात्रों को अतिशीघ्र मालिकाना हक सौंप देंगे।
-लखवीर कौर, सरपंच ओढां।