अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
मध्य प्रदेश में किसानों पर हुए अत्याचार व किसानों की अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों और किसानों ने अंबेडकर चौक पर केंद्र सरकार व मध्य प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इससे पूर्व विभिन्न संगठनों व किसानों ने जाट धर्मशाला में बैठक की तथा मध्यप्रदेश में हुई किसानों की हत्या पर निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार से पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरने शुरू किए जाएंगे।
जाट धर्मशाला में जिलेभर से आए किसानों और किसान संगठनों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि पूरे देश का किसान आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार से हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरने शुरू किए जाएंगे। इस मौके पर समिति के राष्ट्रीय संयोजक रणधीर सिंह जोधकां ने कहा कि किसानों के कर्ज माफ हों, स्वामीनाथन रिपोर्ट जल्द लागू हो, पशु बिक्री पर लगाई गई रोक हटाई जाए और किसानों को फसलों का लाभ मूल्य दिया जाए।
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह ममेरां ने कहा कि जिला मुख्यालयों पर अब अनिश्चितकालीन धरने दिए जाएंगे तथा जब तक किसानों की मांग नहीं मानी जाती, तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा। बैठक के बाद सभी किसान केंद्र व मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंबेडकर चौक पर पहुंचे। जहां पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार व मध्यप्रदेश सरकार के पुतले को रखकर रोष प्रदर्शन किया। जिससे चौक पर यातयात जाम हो गया। प्रदर्शनकारियों में राजकुमार शेखुपुरिया, कृष्ण ढाका, ओपी सुथार, मलकीत सिंह, साहबराम नुहियांवाली, जगदीश रूपावास, बृजलाल, जगदीश सिंह चाहर, प्रदीप सिंह बाजिया, दलीप सिंह बैनीवाल, नेकी सिहाग, निक्कूराम खिच्चड़, जगदीश गोदारा, विकास बरासरी, भीम कुतियाना, धर्मवीर गोदारा, विकास तेतरवाल, सुरेंद्र मूंड आदि मौजूद थे।