सिरसा। नगर परिषद में रिहायसी प्रमाण पत्र बनवाते हुए।संवाद
सिरसा। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर पहली किस्त हरियाणा दिवस पर सरकार महिलाओं के खातों में जारी करेगी। इसके लिए अभी तक संशय की स्थिति बनी हुई है। सिरसा में पहले चरण में 21,543 पात्र महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। हालांकि, महिलाओं के आवेदन करने की संख्या 47,000 तक पहुंच चुकी है।
आकलन के अनुसार सिरसा में एक लाख रुपये के आसपास महिलाएं एक लाख आय की शर्तें के आधार पर पात्र हैं। सिरसा में 26 सितंबर को राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने योजना का शुभारंभ किया था। सरकार के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 21,543 महिलाएं हैं जो मौजूदा समय में पात्र हैं। इन सभी का पंजीकरण किया जा चुका है।
ऑनलाइन मोबाइल एप के माध्यम से ही आवेदन किया जा रहा है। पहली बार सरकार ने सीएससी की लूट से गरीब लोगों को बचाने का रास्ता निकाला है। एक मोबाइल सिम से एक बार में पांच लोगों का पंजीकरण एप के माध्यम से हो सकता है। लैपटॉप और कंप्यूटर आदि से पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। वहीं, यदि कोई सीएससी संचालक मोबाइल से आवेदन करने के बदलने में पैसा लेते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई प्रशासन अमल में लाएगा।
क्रीड विभाग कर रहा है मिलान
जिले में ऑनलाइन एप के माध्यम से होने वाले पंजीकरण की जांच सबसे पहले क्रीड विभाग की ओर से की जाएगी, क्योंकि फैमिली आईडी की देखरेख उनके पास है। ऐसे में महिला के बैंक अकाउंट को फैमिली आईडी के बैंक अकाउंट व आधार कार्ड आदि से मिलान करवाया जाएगा। क्रीड से पास होने के बाद संबंधित विभाग के पास आगामी प्रक्रिया के लिए आवेदन जाएगा।
इस प्रकार प्रथम चरण में जारी की गई थी महिलाओं की संख्या
क्षेत्र - पात्र
बडागुढ़ा - 1,644
डबवाली - 3,335
ऐलनाबाद - 1,943
ऐलनाबाद शहरी - 435
कालांवाली शहरी- 248
मंडी डबवाली शहरी - 519
नाथूसरी चोपटा - 3,751
ओढां - 1,366
रानियां - 2,838
रानियां शहरी - 345
सिरसा - 2,852
सिरसा शहरी - 2,267
कुल - 21,543
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वर्जन : यह पहली ऐसी मोबाइल एप के माध्यम से लाभ देने वाली योजना है। इस योजना के लिए महिलाओं में उत्साह देखने को मिला है। प्रथम चरण का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है और बड़े स्तर पर महिलाओं ने पंजीकरण करवाया है। उनके सत्यापन का काम जिला और मुख्यालय स्तर दोनों पर चल रहा है। मोबाइल एप के अलावा कोई आवेदन की प्रक्रिया नहीं है। एक मोबाइल नंबर से पांच ही महिलाओं के आवेदन हो सकते हैं।
- सत्यवान ढिलोड, जिला समाज कल्याण अधिकारी।