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हाड़ गलाने वाली ठंड व घनी धुंध ने थामी जनजीवन की रफ्तार

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। नए साल के आगाज के साथ हाड़ गला देेने वाली कड़ाके की सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। मंगलवार को आसमान में कोहरे की चादर छाने से पूरे दिन कड़ाके की सर्दी रही। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री रहा। दिनभर सूरज नहीं निकला और ऐसे में लोगों ने अलाव सेंककर व हीटर का सहारा लेकर ठिठुरन को कम किया। फसलाें के लिए कोहरा और सर्द मौसम दोनों ही फायदेमंद हैं। खासकर गेहूं की फसल के लिए ठंड ठीक है। दिन में पारा अधिक रहने और धूप पड़ने से गेहूं की बढ़वार ठीक नहीं हो रही थी। ऐसे में फसल को बार-बार सींचना पड़ रहा था। अब पारा नीचे गिरने से और कोहरा पड़ने से किसानाें को काफी राहत मिली है। हालांकि बच्चाें और बूढ़ों के लिए ठंड नुकसानदायक है।
दरअसल राजस्थान के रेतीले मरुस्थल के साथ सटे सिरसा में इस मौसम में पहली बार मंगलवार को सर्दी का एहसास हुआ। सुबह न्यूनतम तापमान चार डिग्री रहा। खास बात यह है कि हवा की रफ्तार अधिक रहने से ठंड बढ़ गई। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार तीन किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलीं। फसलों के लिए यह ठंड अच्छी है। जिला में इस बार तीन लाख हेक्टेयर में गेहूं, 50 हजार 200 हेक्टेयर में सरसों, 8 हजार हेक्टेयर में चना जबकि 6 हजार हेक्टेयर में जौं की बिजाई की गई है। किसान सोमप्रकाश गंडा, रमेश धवन, भगवान दास मेहता व सुभाष श्योराण का कहना है कि धुंध गेहूं की फसल के लिए अच्छी है।
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वाहन चालकाें को हुई परेशानी
घनी धुंध कोहरे और कम विजिबिलिटी के चलते मंगलवार दिन भर जनजीवन प्रभावित हुआ। कोहरे के कारण यातायात पर खासा असर रहा। घने कोहरे की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामाना करना पड़ा। सुबह से छाए घने कोहरे ने वाहनों के पहिए थाम दिए। कोहरा इतना ज्यादा घना था कि महज 30 मीटर की दूरी पर स्थित वस्तु भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी। इस वजह से चालकों को वाहन चलाना मुश्किल हो गया। हादसे से बचने के लिए कई वाहन चालकों ने इंडीगेटर जलाकर वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ा।
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कई ट्रेनें हुईं लेट
धुंध के चलते सिरसा से दिल्ली जाने वाली हरियाणा एक्सप्रेस सुबह अपने निर्धारित समय से बीस मिनट देरी से रवाना हुई। बठिंडा से दिल्ली जाने वाली किसान एक्सप्रेस साढे़ आठ की बजाए नौ बजे सिरसा स्टेशन पहुंची। रेवाड़ी से बठिंडा और लुधियाना जाने वाले ट्रेन डेढ़ घंटा देरी से सिरसा स्टेशन पर पहुंची। यात्री कड़ाके की ठंड में स्टेशन पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार करते रहे।
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