अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि सिरसा संसदीय क्षेत्र से जिस प्रकार मौजूदा प्रदेश सरकार भेदभाव कर रही है, निश्चित ही आने वाले समय में उसका खामियाजा भाजपा को भुगतना ही पड़ेगा क्योंकि साढे़ तीन साल में सिरसा ही नहीं फतेहाबाद में भी कोई कार्य नहीं हुआ है।
वे शनिवार को अपने आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बगैर भेदभाव के विकास कार्यों को कराने का दम भरने वाली भाजपा ने जिस प्रकार सिरसा संसदीय क्षेत्र में पूरी तरह से भेदभाव का काम करते हुए विकास की एक ईंट भी नहीं लगाई, वह पूरी तरह से निंदनीय है और आने वाले वक्त में कांग्रेस ही दोबारा सत्तासीन होकर यहां जानबूझकर रोके गए विकास कार्यों को पुन: शुरू कराएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 का समय कांग्र्रेस के लिए और भी ज्यादा लोकहित के लिए संघर्ष करने वाला होगा और इसके लिए सभी पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। संघर्षशील व्यवस्था के बीच कांग्रेस एक जनवरी 2018 को जन अधिकार रैली आयोजित कर अपने संघर्ष में तेजी लाने का संकेत देगी। इसके अलावा कांग्रेस की पदयात्राओं के साथ-साथ थोड़ा ठंड में कमी आने के बाद प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी कांग्रेस की ओर से साइकिल यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर डॉ. तंवर ने कहा कि सभी कांग्रेस नेता एकजुट हैं और सभी का पहला लक्ष्य राहुल गांधी को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना था। अब सभी मिलकर कांग्रेस के पक्ष में पूरी एकजुटता से प्रचार कर पार्टी को सत्ता में लाने का भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी जनहित के मुद्दे उठाती रही है। डबवाली में सालों पुराने चाहे ओवरब्रिज बनाने का मामला हो या रेल सुविधाओं में बढ़ोतरी का विषय, कांग्रेस ने ही इन सभी कार्यों को पूरा कराया और भविष्य में भी जनहित के सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का काम कांग्रेेस ही करेगी।
उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना के बारे में भाजपाई नेता अब विरोध जता रहे हैं जबकि कांग्रेस ने इसके लागू करते ही इसका सबसे जोरदार तरीके से विरोध किया था। किसान हित की बात करने वाली भाजपा ने इस योजना से न किसानों के पैसे को पूरी तरह से हड़प कर लिया है बल्कि उसकी पूरी तरह से कमर भी तोड़ दी है। इस मौके पर लादूराम पूनिया, सुरजीत भावदीन, नवीन केडिया, श्यामलाल मेहता, शीशपाल केहरवाला, अमित सोनी, कपिल सरावगी, रुपिंद्र भाटिया, राजेश खत्री, रामकुमार गुणपाल, सुभाष मेहरा, राजेश कैरांवाली आदि मौजूद रहे।