फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिल्क प्लांट बनने के बाद कारोबार बन गया पशुपालन

विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा।
विज्ञापन

दूध और दही की बात चले तो देश में सबसे पहले हरियाणा का नाम जुबान पर आता है। पंजाब और राजस्थान की सीमा से घिरे सिरसा जिले में भी दूध की कोई कमी नहीं है पर वर्ष 1996 में सिरसा में स्थापित किए गए वीटा मिल्क प्लांट के बाद इलाके में दूध एक ब्रांड बन गया है। अब यह कारोबार का बड़ा हिस्सा बन गया है। इस समय देसी घी और लस्सी की डिमांड केवल इलाके में ही नहीं चंडीगढ़, दिल्ली सरीखे इलाकों में भी है।
हर बरस वीटा मिल्क प्लांट से 15 करोड़ रुपये से अधिक का घी, 10 करोड़ रुपये की लस्सी की बिकवाली हो रही है। हर रोज प्लांट से छह लाख 92 हजार रुपये का दूध बेचा जा रहा है। इस प्लांट के माध्यम से करीब 10 हजार परिवारों को रोजगार मिला हुआ है। हर रोज प्लांट पर औसतन करीब 17320 लीटर दूध की बिकवाली हो रही है। प्लांट की कुल क्षमता इस समय करीब एक लाख 10 लीटर दूध खपत की पहुंच चुकी है। अब न केवल प्लांट में दूध पाउडर, घी और लस्सी तैयार किया जा रहा है बल्कि पिन्नी, मक्खन और फ्लेवर्ड मिल्क भी तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन

सिरसा जिले में दो दशक पहले तक पशुपालन केवल खुद के परिवार के पालन-पोषण तक ही सीमित था। लोग घर में पशु रखते थे तो स्वयं के लिए। पशुपालन कारोबार का हिस्सा नहीं था। सरकारी स्तर पर सबसे पहले 1970 में जींद में मिल्क प्लांट बनाया गया। इसके बाद हरियाणा के अन्य स्थानों पर मिल्क प्लांट बने। सिरसा में 1996 में मिल्क प्लांट बनाया गया। शुरू में यहां दूध पाउडर तैयार किया गया। बाद में घी, दही और लस्सी बनाई जाने लगी। इसके बाद तो अनेक उत्पादक बनाए जाने लगे। शुरू में चंद परिवार इससे जुड़े थे। अब सिरसा मिल्क प्लांट के अंतर्गत करीब 343 सोसायटी हैं और परोक्ष एवं अपरोक्ष रूप से जिला में वीटा के साथ करीब 10 हजार परिवार जुड़े हुए हैं। मिल्क प्लांट बना तो लोग पशुपालन के प्रति जागरूक हुए। दूध का एक बाजार बनने से इसकी एक निश्चित कीमत बन गई। दूध की वसा के हिसाब से लोगों को पैसा मिलने लगा।
विज्ञापन

इस समय गोवंश पालन में सिरसा पहले स्थान पर है। सिरसा में इस समय करीब एक लाख 90 हजार 912 गोपालन हो रहा है। हिसार, भिवानी और सोनीपत के बाद सबसे अधिक भैंस पालन सिरसा में है। पशुगणना के अनुसार सिरसा में करीब 323801 भैंसों का पालन हो रहा है। 2016-17 में ही वीटा ने 40 लाख रुपये की पिन्नी की बिकवाली की। इसी तरह से 2016-17 में वीटा ने करीब 373000 लीटर घी जबकि 606 मीट्रिक टन दही की बिकवाली की। अब हर रोज वीटा में करीब 1.10 लाख लीटर दूध से विभिन्न उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

दूध और दूध उत्पादों की सेल (2016-17)
उत्पाद सेल
घी 373000 लीटर
दूध 17320 लीटर प्रतिदिन
दही 606 मीट्रिक टन
पनीर 88.77 मीट्रिक टन
लस्सी 795.99 मीट्रिक टन
टेबल बटर 11.46 मीट्रिक टन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें