तापमान 41 डिग्री पहुंचा, अस्पतालों में मरीज बढ़े, बिजली कटौती भी बढ़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/डबवाली। जिले में दो से तीन दिनों से तापमान में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया है। इस कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शनिवार को सड़कें दोपहर में वीरान रहीं जबकि आसमान दहक रहा है।
दोपहर होते-होते बाजार, बस स्टैंड और मुख्य सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है। तापमान में निरंतर बढ़ोतरी के चलते आमजन बेहाल हैं। दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। वहीं, गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों, किसानों और खुले में कार्य करने वाले लोग परेशान हो रहे हैं।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण कई लोग चक्कर, सिर दर्द, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
तापमान में उछाल आने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है। ग्रामीण और शहर क्षेत्र में बिजली कट देखने को मिल रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर धान की बिजाई के टयूबवेल कनेक्शनों पर बिजली की मांग बढ़ गई है। शहरी क्षेत्र में बिजली की मांग दो से तीन दिनों में बड़े स्तर पर बढ़ी है। 90 लाख यूनिट प्रतिदिन की मांग कई स्थानों पर बिजली की बढ़ती मांग के चलते कटौती की स्थिति भी बनी हुई है।
शहरवासियों ने बयां किया हाल
नागरिकों रमेश कुमार, मनजीत सिंह, जसवंत सिंह, राजेंद्र कुमार, सुखविंदर सिंह, राकेश कुमार और मनमोहन यादव ने बताया कि कुछ ही मिनट धूप में रहने पर शरीर झुलसने लगता है। लोगों ने कहा कि इस बार गर्मी सामान्य से कहीं अधिक तीव्र महसूस हो रही है। इससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है। रेहड़ी-फड़ी संचालक सुरजीत सिंह, विनोद कुमार, कृष्ण लाल, जसवीर और राम शर्मा ने बताया कि दोपहर के समय ग्राहकों की आवाजाही कम होने से कारोबार पर असर पड़ा है। गर्म हवाओं के कारण कामकाज धीमा पड़ गया है। रोजी-रोटी पर संकट जैसी स्थिति बन रही है।
गृहिणी सीमा रानी, कविता, सरोज, जयदेवी, रमनदीप कौर और मीनाक्षी ने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को संभालना कठिन हो गया है। घरों में कूलर और पंखे ही राहत का सहारा बने हुए हैं लेकिन भीषण गर्मी के आगे ये भी पर्याप्त नहीं हैं।
डॉक्टरों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
डबवाली नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरसिमरन सिंह ने नागरिकों को लू से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही बाहर निकलें। बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।
डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल आवश्यक है क्योंकि उनमें डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है, जिसकी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
प्रशासन से राहत उपायों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था करने तथा बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर राहत उपाय नहीं किए गए तो गर्मी का असर और अधिक गंभीर हो सकता है।