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Sirsa News: सिरसा के बिट्टू के साथ फंसे हरियाणा के 40 युवा

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आर्मेनिया में फंसे हुए सिरसा व अलग-अलग जिलों व राज्यों के युवक । 
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सिरसा। रोजगार की तलाश में आर्मेनिया में सिरसा के बिट्टू के साथ फतेहाबाद, हिसार और कैथल के 40 से 50 युवक फंसे हुए हैं। आर्मेनिया में काम न मिलने के कारण इन्हें खाने के लाले पड़े हुए हैं। अब सभी युवक लौटने की गुहार लगा रहे हैं। युवकों का कहना है एजेंट ने वर्क वीजा दिलवाने के नाम पर उनसे सात लाख रुपये लिए थे। हालांकि यहां पर न तो किसी तरह का काम है और न ही खाने के लिए कोई सुविधा है। एजेंट ने जिस मकान में उन्हें ठहराया था वह भी चार से पांच दिन में किराया देने की मांग कर रहा है। अगर, वह किराया नहीं देते तो उन्हें वहां से बाहर निकालने की चेतावनी दे रहा है।
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लकड़ावाली निवासी अवतार सिंह ने बताया कि उनका बिट्टू 26 दिसंबर को जयपुर एयरपोर्ट से आर्मेनिया के लिए रवाना हुआ था। इससे पहले सिरसा के बालभवन रोड स्थित इमिग्रेशन सेंटर से उसने अपना वीजा लगवाया था। वहीं, बिट्टू ने बताया कि उसे एजेंट ने डिलीवरी ब्य़ॉय का काम दिलवाने का आश्वासन दिया था और प्रति माह 80 से एक लाख रुपये की सैलरी दिए जाने की बात कही थी।
आर्मेनिया में पहुंचने के बाद वहां की करेंसी भी भारत से कम होने की जानकारी मिली। एजेंट ने उसे वर्क परमिट दिए जाने की बात कही थी और उसके सात लाख रुपये लिए थे। हालांकि एजेंट ने मौके पर से ई-वीजा दे दिया, जो कि आर्मेनिया में केवल 21 दिन के लिए ही मान्य है। इसके पश्चात अब वह अवैध रूप से देश में रह रहा है। आर्मेनिया में उसके साथ ही 40 से 50 युवक फंसे हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग एजेंटों ने भी वर्क वीजा और ई वीजा पर आर्मेनिया भेजा है। आर्मेनिया में काम न होने के कारण वह परेशान हो रहे हैं और खाने के भी लाले पड़े हुए हैं।
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सिरसा, फतेहाबाद, हिसार सहित अन्य जिलों के युवक भी हैं फंसे
वहीं, बिट्टू ने बताया आर्मेनिया में उसकी जानकारी में सिरसा, फतेहाबाद, कैथल और करनाल क्षेत्र के ही 40 से 50 युवक इसी तरह से वहां फंसे हुए हैं। इनमें कई युवकों ने डोंकी लगाकर तुर्की देश में जाने का भी प्रयास किया था। हालांकि वहां की पुलिस ने उन्हें पीटकर वापस भेज दिया, जिसके पश्चात वह भी अब यहीं पर रहे रहे हैं। हालांकि कई युवकों ने खुद के स्तर पर ही वापस की टिकट कटवा ली और वह अपने देश में आ गए। जबकि वह पहले ही खेत और मकान गिरवी रखकर आर्मेनिया में पहुंचा था और वापसी के लिए उनके पास किसी तरह की राशि नहीं है।
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