शिक्षा निदेशालय ने एमआईएस पोर्टल से 25 से कम विद्यार्थियों वाले 50 स्कूलों की सूची जारी की है। इनमें से 40 स्कूल ऐसे हैं जो कि गांवों के साथ लगती ढाणियों में संचालित किए जा रहे हैं। 50 विद्यालयों में से 47 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ दो-दो अध्यापक हैं, जबकि ढाणी मुक्तासरिया व रामपुरा ढाणी, किरपाल पट्टी में सिर्फ एक-एक अध्यापक पढ़ा रहे हैं।
शिक्षा निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा विभाग से इन स्कूलों की पुष्टि कर जानकारी मांगी है। जिसके लिए जिला शिक्षा विभाग ने बुधवार को सभी खंडों को पत्र जारी कर इसकी जानकारी मांगी है। शिक्षा विभाग ने सभी बीईईओ को ये जानकारी 31 जनवरी तक शिक्षा विभाग में जमा करवाने की निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार 25 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद कर शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उन्हें नजदीक के स्कूल में शिफ्ट कर रही है, ताकि विद्यार्थी को अच्छी शिक्षा मिल सके।
शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा विभाग से 25 विद्यार्थियों से कम संख्या वाले स्कूलों, उनमें पहली से पांचवीं कक्षा तक वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों का आंकड़ा, कुल संख्या, पड़ोस में स्थित स्कूल और सबसे नजदीक स्थित स्कूल का कोड व स्कूल की इमारत की स्थिति की 31 जनवरी तक जानकारी मांगी है। जिसके लिए शिक्षा विभाग ने 29 जनवरी को सभी ब्लॉक को पत्र लिखकर एक प्रोफॉमा जारी कर 29 जनवरी शाम तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे।
बता दें शिक्षा विभाग ने शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पहले पत्रों के आधार पर सात खंडों से कम संख्या वाले स्कूलों की जानकारी मांगी थी, लेकिन विभाग के पास 27 जनवरी तक इसकी पूरी जानकारी नहीं उपलब्ध हुई। जिसके चलते शिक्षा निदेशालय ने एमआईएस पोर्टल से कम विद्यार्थियों वाले 50 स्कूलों का डाटा उठाकर एक सूची जारी की है। शिक्षा निदेशालय ने 28 जनवरी को जिला शिक्षा विभाग को एक ओर पत्र जारी किया है, जिसमें निदेशालय द्वारा जारी 50 स्कूलों की सूची की पुष्टि करने व सही संख्या उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पत्र में अब शिक्षक, विद्यार्थियों की संख्या व स्कूल इमारत की स्थिति की भी जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी बताना होगा कि कौन सा प्राइमरी स्कूल सबसे नजदीक है, जिसमें 25 विद्यार्थियों से कम वाले स्कूलों का विलय किया जा सकता है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ कर रहा है इसका विरोध
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ सिरसा के खंड प्रधान बंसीलाल झोरड़ ने राज्य सरकार द्वारा 25 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के बंद करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। राजकीय प्राथमिक संघ के सदस्यों का कहना है कि ढाणियों के बच्चों को निकटतम विद्यालय में शिक्षा प्रदान करने के दृष्टिगत तत्कालीन राज्य सरकारों द्वारा इन विद्यालयों की स्थापना की गई थी जो कि सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। क्योंकि बंद होने वाले विद्यालयों की सूची में केवल अधिकतम वही स्कूल हैं जो ढाणियों के आसपास स्थापित हैं और इन विद्यालयों की स्थापना से लेकर आज तक छात्र संख्या लगभग इतनी ही रही है। वहीं तीन या चार ढाणियों के आधार पर स्थापित स्कूल में 100 या इससे अधिक छात्र संख्या की अपेक्षा करना बिल्कुल गलत है।
बीईईओ से जानकारी मांगी है, जल्द ही जानकारी मुख्यालय को भिजवा देंगे, सूची को वेरीफाई करने में समय लग रहा है।
-आत्म प्रकाश मेहरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी। सिरसा।