सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं जारी हैं। इन परीक्षाओं में नकल करने वालों पर विशेष निगरानी की जा रही है। इसी का परिणाम है कि एक दिसंबर से शुरू हुई परीक्षाओं में वीरवार तक 35 छात्र-छात्राओं की यूएमसी (अनुचित साधनों के प्रयोग पर केस) बनाई गई हैं। विभिन्न तरीकों से ये नकल करते हुए परीक्षा केंद्रों में पकड़े गए हैं।
अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की मॉनिटरिंग के लिए सात उड़नदस्तों तैनात किए गए थे। सीडीएलयू के अंतर्गत सिरसा और फतेहाबाद के 62 कॉलेज आते हैं। इन सभी कॉलेजों में इन दिनों परीक्षाएं चल रही है। परीक्षाओं के जल्द से जल्द परीक्षा परिणाम जारी हो सके। इसलिए पेपर जांच के लिए त्वरित गति से भेजे जा रहे हैं, इसका मकसद है कि समय पर परीक्षा परिणाम जारी होगा। छात्र- छात्राओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
परीक्षाओं में ड्यूटी नहीं देने वाले प्रोफेसरों को जारी हो रहे नोटिस
विवि प्रशासन के संज्ञान में आ रहा है कि कई प्रोफेसर लंबे समय से परीक्षाओं में डयूटी देने के लिए गुरेज करते नजर आ रहे हैं। कई पढ़ाई के लिए भी नियमित कक्षाएं नहीं लगा रहे हैं। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए विवि प्रशासन की ओर से अलग-अलग विभागों के प्रोफेसरों को नोटिस जारी किए गए हैं। कुछ ऐसे प्रोफेसरों के मामले भी सामने आए हैं कि जो हर बार राजनीतिक सिफारिश से अपनी ड्यूटी कटवा लेते हैं। विवि प्रशासन ने ऐसे प्रोफेसरों की अलग से सूची बनाई है और उन्हें नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं।
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परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए सात उड़नदस्तों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं और अब तक 35 नकल करने वाले छात्र-छात्राओं की यूएमसी बनाई जा चुकी है।
- राजकुमार सालार, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू।