सिरसा। एक उम्मीदवार के नाम वापसी के बाद सिरसा लोकसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान में अब 20 प्रत्याशी रह गए हैं। ये जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने दी। उन्होंने शुक्रवार को प्रत्याशियों को चुनाव सिंबल भी अलॉट किए। इस दौरान उनके साथ सामान्य पर्यवेक्षक सौरभ कुमार व चुनाव पर्यवेक्षक (खर्च)एन वरूण भी उपस्थित रहे। छंटनी के बाद लोकसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में 21 उम्मीदवार बचे थे। शुक्रवार को नामांकन वापसी की प्रक्रिया के दौरान एक उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। भारतीय मानवाधिकार फैडरल पार्टी के उम्मीदवार खुशी राम ने अपना नामांकन वापिस लिया है। इस प्रकार से लोकसभा क्षेत्र सिरसा के लिए चुनावी मैदान में अब 20 उम्मीदवार रह गए हैं।
प्रभजोत सिंह ने बताया कि इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के अशोक तंवर का हाथ का पंजा, इनेलो के चरणजीत सिंह रोड़ी का चश्मा, बसपा के जनक अटवाल का हाथी, भाजपा की सुनीता दुग्गल का कमल के फूल का चुनाव चिन्ह है। इसी प्रकार शिव सेना पार्टी के अंकुर को तीर कमान, राष्ट्रीय लोक स्वाराज पार्टी के अंग्रेज सिंह को नारियल का फार्म, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के जसवंत को बांसुरी, जन नायक जनता पार्टी के निर्मल सिंह को चप्पल, बहुजन मुक्ति पार्टी के बृजपाल को चारपाई, रेवोलुशनरी मार्क्स पार्टी ऑफ इंडिया के राजेश कुमार को हांडी, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के राजेश को फलों की टोकरी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के हीरा सिंह को चाबी का चुनाव चिन्ह मिला है। उन्होंने बताया कि आजाद उम्मीदवारों में कश्मीर चंद ओड को ऑटो रिक्शा, दलीप लूना को एयर कंडिश्नर(एसी), दीपक को अलमारी, राजिंद्र सिंह को ट्रैक्टर चलाता किसान, विनोद कुमार को सेब,वीरेंद्र सिंह बैटरी टॉर्च, सुरेंद्र कुमार को बल्लेबाज तथा सूरजमल अठवाल को बेबी वॉकर का चुनाव चिन्ह मिला है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों को चुनाव आदर्श आचार संहिता की सभी गाइड लाईन पढ़कर सुनाई और इनकी अनुपालना के तहत ही चुनाव प्रचार-प्रसार व चुनावी गतिविधियां करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रत्याशी आदर्श चुनाव आचार संहिता की अनुपालना करते हुए लोकसभा आम चुनाव को शांतिपूर्वक, निष्पक्ष एवं सफलतापूर्वक संपंन करवाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को चुनाव प्रचार के लिए वाहन की अनुमति संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी से लेनी होगी। यदि वाहन पर माईक का इस्तेमाल किया जाना है। तो उसकी अलग से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चुनाव प्रचार सामग्री चस्पा करने, रैली, जनसभा, जलसा के लिए भी पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। किसी भी धार्मिक, सरकारी, शिक्षण संस्था स्थलों पर जनसभा या बैठकें आयोजित नहीं की जा सकेंगी। प्रत्याशी द्वारा चुनाव में 70 लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अलग से अपना बैंक खाता खुलवाना है। इसी बैंक खाते से चुनावी खर्च किया जा सकेगा। चुनाव खर्च के लिए अलग से एक रजिस्टर दिया गया है। जिसमें प्रत्याशी द्वारा चुनावी खर्च का विवरण भरा जाएगा।