अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन और आउटसोर्सिंग एंप्लाइज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रशासनिक भवन के सामने चल रहे धरने पर मंगलवार को भी दोनों कर्मचारी आमरण अनशन पर रहे। अन्य कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लेकर कामकाज ठप रखा। कार्यालय बंद होने के कारण विश्वविद्यालय में काम कराने के लिए आने परीक्षार्थी और छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
सीडीएलयू में धरने पर बैठे कर्मचारियों में से एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन एनटी के देवी लाल और आउटसोर्सिंग एंप्लाइज एसोसिएशन से श्रवण कुमार ने मांगें पूरी न होने के कारण सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। मंगलवार को भी उनका आमरण अनशन जारी रहा। सिरसा थाना प्रभारी अमित बैनीवाल ने धरना स्थल पर जाकर शांति पूर्व हड़ताल की अपील की। हड़ताल कर रहे यूनियन के महासचिव कुलदीप गहलावत, सचिव सुरेंद्र दलाल, कैशियर रविंद्र सैनी, आउटसोर्सिंग यूनियन के उपप्रधान रणबीर, सचिव ज्योति व कैशियर सत्यवान कुंडू, पूर्व प्रधान महेंद्र बैनीवाल ने कहा कि कुलपति को हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को उप कुलपति को कई मांगों को लेकर एक मांग पत्र सौंपा था जिस पर काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे वीसी के खिलाफ कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नए पद जल्द सृजित करवाकर नई भर्ती की जाए। वरिष्ठता सूची के लिफाफे खोले जाएं जो दो मेंबर कमेटी द्वारा तैयार किए गए हैं। आउटसोर्सिग कर्मियों को सैलरी हर महीने की 10 तारीख से पहले दी जाए। रिजल्ट ब्रांच में छात्रों की एंट्री का समय निर्धारित किया जाए। नॉन टीचिंग कर्मचारियों का वर्क लोड निर्धारित किया जाए सहित कई मांगों को लेकर वीसी से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन किसी भी समस्या का हल नहीं हो पाया है। उप कुलपति के अड़ियल रवैये के कारण विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मी ने संघर्ष रत है। धरने प्रदर्शन में पूजा, रामेश्वर, विजय रंगा, मनोज रेलन, सुरेंद्र हांडा, कृष्ण, विक्रम, सन्नी, रामनिवास, सुधीर सहित सैकड़ों कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जमकर कोसा।