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झोरड़रोही में स्टाफ के टोटे से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला

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अमर उजाला ब्यूरो
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ओढां (सिरसा)।
ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की कमी होने से ग्रामीणों में रोष देखा जा रहा है। स्टाफ की कमी से विद्यार्थियों की बाधित हो रही शिक्षा को लेकर अभिभावक स्कूलों को ताले लगाने को विवश हो रहे हैं। इसी के तहत बड़ागुढ़ा खंड के गांव झोरड़रोही में स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में भी ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने ताला जड़कर शिक्षा विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पाकर पहुंचे तहसीलदार व बीईओ ने आक्रोषित ग्रामीणों को समझा बुझाकर ताला खुलवाया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में स्कूल में पहले से ही शिक्षकों की कमी थी, लेकिन विभाग द्वारा की गई ट्रांसफर प्रणाली के चलते स्कूल शिक्षकों से लगभग खाली हो चुका है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक तरफ तो सरकारी स्कू लों में बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने की बात कर रही है और बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल दिलवाने की बात कह रही है तो वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में स्टाफ भी पूरा नहीं किया जा रहा। इसके चलते उनके बच्चों की न केवल शिक्षा प्रभावित हो रही है अपितु सरकार के दावों की भी हवा निकलकर रह गई है।
उन्होंने कहा कि वे समस्या के समाधान के लिए डीईओ से कई बार मिल चुके हैं। लेकिन उन्होंने भी डेपुटेशन की पावर न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि जब अधिकारियाें के पास पॉवर ही नहीं है तो वे अभिभावकों को उनके बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाने की क्यों बात कहती है। अभिभावकों ने बताया कि पिछले करीब 10 दिनों से बच्चे रोज स्कूल तो जाते हैं, लेकिन शिक्षक न होने के कारण खाली बैठकर वापस चले आते हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर माह में बच्चों की परीक्षा भी होनी है ऐसे में जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो पाठ्यक्रम कैसे पूरे होंगे। अभिभावकों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्कूल में जल्द ही शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया गया तो वे स्कूल पर स्थायी रूप से ताला जड़कर अनिश्चितकालीन धरना देने को मजबूर हो जाएंगे।
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अधिकारियों के आश्वासन के बाद माने ग्रामीण
स्कूल को ताला जड़ने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार रामचंद्र कालांवाली, थाना प्रभारी शिव नारायण शर्मा, एसईपीओ नंद लाल, बीईओ पवन सुथार व सरपंच प्रतिनिधि जसकरण सिंह ने मौके पर पहुंचकर आक्रोषित अभिभावकों व विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि ये समस्या अकेले उनके स्कूल की ही नहीं अपितु हर जगह यही स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि खंड के जिन भी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है उनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रखी है। अब स्टाफ की पूर्ति करना तो सरकार का कार्य है।
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सीएम तक लगा चुके हैं गुहार, कोई नहीं सुनता
इस मसले को लेकर पंचायत शिक्षा मंत्री व डीईओ के अलावा सीएम विंडो पर भी गुहार लगा चुकी है लेकिन सभी तरफ से महज आश्वासन ही मिले हैं। स्कूल में शिक्षकों की वजह से बच्चाें की शिक्षा बूरी तरह से प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूल में दाखिले को लेकर पंचायत ने लोगों को घरों में जाकर प्रेरित किया है लेकिन स्टाफ ही नहीं तो बच्चों कैसे शिक्षा मिल पाएगी।
-सर्वजीत कौर, सरपंच झोरड़रोही
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चार शिक्षकों की मिली स्वीकृति
लोगों के अभिभावकों के रोष को देखते हुए बीईओ ने अपने उच्चाअधिकारियों को मामले से अवगत करवाया। जिसके बाद गणित के एक टीचर को तुरंत प्रभाव से व विज्ञान, हिन्दी व पंजाबी के तीन टीचरों को सोमवार से विद्यालय में पहुंचने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद अभिभावकों ने यह कहकर ताला खोल दिया कि अगर समस्या का शीघ्र ही समाधान नहीं किया तो इस बार तालाबंदी के साथ-साथ अनिनिश्चतकालीन धरना भी देंगे। बता दें कि विद्यालय में 9 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से विज्ञान व गणित के पद पिछले 5 साल से खाली है। अब नई ट्रांसफर प्रणाली के तहत बाकी बचे सात टीचर भी स्कूल से चले गए।
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झोरड़रोही के स्कूल में शिक्षकों की कमी, ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला
--ट्रांसफर प्रणाली के चलते स्कूल के सात शिक्षकों का हो गया तबादला
--ग्रामीण बोले, विद्यार्थियों की हो रही है शिक्षा बाधित, सरकार को नहीं कोई सरोकार
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फोटो :37:सिरसा के गांव झोरड़रोही में अध्यापकों की कमी के परेशान ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर ताला लगा दिया, स्कूल के बाहर धरने पर बैठे विद्यार्थी प्रदर्शन करते हुए।
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