सिरसा। सरकार द्वारा फोर्टिफाइड राइस का टेंडर नहीं किए जाने के विरोध में राइस मिलर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह प्रशासन को मिलों की चाबियां सौंप दीं। इस दौरान राइस मिलर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि राइस मिलें पिछले 20 दिनों से बंद पड़ी है। सरकार बोनस की राशि हड़पने के चक्कर में जानबूझकर टेंडर नहीं करवा रही है। एसोसिएशन ने टंकियों पर चढ़ने व डीसी ऑफिस में धरने की चेतावनी दी।
चेयरमैन अशोक कुमार रोड़ी ने बताया कि जिले में कुल 31 राइस मिलें हैं। इन राइस मिलों में सरकार द्वारा खरीदे धान से चावल निकालकर एफसीआई को उपलब्ध करवाया जाता है। केंद्र सरकार की नीति अनुसार स चावल में फोर्टिफाइड राइस कर्नल (एफआरके) मिलाकर ही डिलिवरी देनी होती है और एफआरके विभाग द्वारा ही उपलब्ध करवाना होता है। सिरसा जिले का एफआरके का कोटा 970 एमटी बनता है। इसमें से विभाग द्वारा 500 एमटी एफआरके उपलब्ध करवाया गया है और मिलों द्वारा फोर्टिफाइड युक्त चावल की डिलीवरी एफसीआई को दी जा चुकी है। विभाग द्वारा शेष बचे 470 एमटी एफआरके की उपलब्धता न करवाने के कारण पिछले 20 दिनों से राइस मिलें बंद पड़ी हैं। इसके कारण कामकाज पूरी तरह से प्रभावित है। लेबर भी जाने को तैयार है, क्योंकि काम न होने के कारण वे भी कितने दिन उन्हें अपने पास से राशन पानी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने बताया कि सरकार जानबूझकर टेंडर में देरी कर रही है, क्योंकि अगर 31 मार्च तक मिल संचालकों ने डिलीवरी दे दी तो सरकार को 15 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देना पड़ेगा और अगर मार्च के बाद डिलीवरी हुई तो सरकार को करोड़ों रुपए का बोनस नहीं देना पड़ेगा।
उच्च अधिकारियों से चुके हैं मुलाकात, फाइल मंत्री की टेबल पर का मिलता है जवाब
समस्या को लेकर एसोसिएशन विभाग के अधिकारियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक जा चुकी है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। चहुंओर से एक ही जवाब मिल रहा है कि फाइल मंत्री की टेबल पर है और वही इसे हस्ताक्षर कर आगे भेजेंगे। उन्होंने प्रशासन को मिलों की चाबियां सौंपते हुए कहा कि जब तक शेष 470 एमटी एफआरके का टेंडर नहीं होता, वे मिल नहीं चला सकते। प्रशासन या तो अपना माल उठा ले या फिर जल्द से जल्द टेंडर करवाए, ताकि वे मिलों का कार्य सुचारू रूप से चला सकें।
सोमवार तक समाधान न होने पर धरना की चेतावनी
मिलर्स के मालिकों ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक कोई समाधान नहीं हुआ तो सभी मिलरों की लेबर और कर्मचारियों को लेकर डीसी ऑफिस में धरना देंगे और संघर्ष को तेज किया जाएगा। इसके साथ-साथ राइस मिलर्स पानी की टंकियों पर भी चढ़ने से गुरेज नहीं करेंगे। इस मौके पर प्रधान संजीव कालांवाली, उपप्रधान प्रशांत मोदी डबवाली, सचिव डॉ. डीके गर्ग रोड़ी, कैशियर विजय कुमार डबवाली, एडवाइजरी कमेटी सदस्य सुरेंद्र नेहरू कालांवाली, अमन कंबोज दड़बी, जितेंद्र सेठी डबवाली, मोहित गर्ग कालांवाली, धीरज कुमार बालाजी राइस मिल कालांवाली, सखी राइस मील जीवन बंसल, गणेश इंडस्ट्री योगेश सुरतिया, सिरसा राजेश बंसल अग्रवाल राइस मिल डबवाली, अमित बिश्नोई गोल्डन एग्रोटेक राइस मिल डबवाली उपस्थित रहे।