संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रक्षाबंधन पर्व पर दूसरे दिन भी बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ रही। इसके चलते ग्रामीण और लंबे रूटों पर बसों ने अतिरिक्त फेरे लगाए। दो दिन में करीब 30 हजार महिलाओं को बसों में मुफ्त में सफर किया। वहीं, रोडवेज व आरटीओ की सख्ती के बाद सभी निजी बसों का संचालन हुआ।
रक्षाबंधन पर रोडवेज की ओर से 214 बसों का संचालन किया गया है। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण बसें भी खचाखच भरी हुई चलीं। महिलाओं को खड़े होकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा। सिरसा से डबवाली, हिसार और ऐलनाबाद रूट पर अधिक यात्रियों के होने के चलते रोडवेज ने 12 अतिरिक्त बसों को रवाना किया। दूसरे जिलों से आने वाले बसों की संख्या भी पहले से अधिक रही। दिनभर बस स्टैंड पर यात्रियों का आना जाना लगा रहा।कई ग्रामीण रूटों पर महिलाओं को बस का भी काफी समय तक इंतजार करने को मजबूर होना पड़ा।
निजी बस का नंबर और समय किया गया नोट
मंगलवार को निजी बस चालकों की ओर से मनमानी किए जाने के कारण आरटीओ व रोडवेज ने बुधवार को सख्ती की। इसके चलते दिनभर निजी बसों का संचालन होता रहा। कई बसों की अधिकारियों ने चेकिंग भी की। महिला यात्रियों सुदेश रानी, सीमा देवी, राज बाला, संदीप कौर ने बताया कि वह डिंग क्षेत्र से निजी बस में सवार हुई थी। परिचालक की ओर से उनका किराया लिया गया और उन्हें बस स्टैंड से बाहर ही उतार दिया गया, ताकि चेकिंग के दौरान उनकी चोरी न पकड़ी जा सके।
लोकल रूटों के यात्रियों की बढ़ी परेशानी, शहर के स्टॉपेज पर खड़े रहे यात्री
शहर से ग्रामीण रूटों पर जाने वाले यात्रियों को इससे परेशानी भी उठानी पड़ी है। शहर में अलग-अलग स्थानों पर बने हुए बस स्टॉपेज पर खड़े यात्रियों बसों को इंतजार करते दिखे। बस स्टैंड से बसें फुल होकर चलीं तो यहां पर कई चालकों ने बसों को रोका ही नहीं।
बसों का निरंतर संचालन किया गया है। जिन रूटों पर अधिक यात्री थे, उन स्थानों पर अतिरिक्त बसों के फेरे लगाए गए हैं। महिलाओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। - रतनलाल, बस स्टैंड इंचार्ज, सिरसा।