शिक्षक पद से इस्तीफा देकर गया यूनाइटेड किंगडम, वहां कंपनी नहीं मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव भुरटवाला निवासी हरदीप सिंह के साथ सिरसा निवासी पंकज टंडन, लुधियाना निवासी गुरप्रीत सिंह, सोनिया, देसा सिंह और अनरप्रीत सिंह को विदेश भेजने के नाम पर साढ़े 29 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
जिला पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन को दी शिकायत में गांव भुरटवाला निवासी पीड़ित हरदीप सिंह ने उक्त पांचों व्यक्तियों पर उसके साथ विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में हरदीप सिंह ने बताया कि वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भुरटवाला में एक व्यावसायिक शिक्षक के पद पर कार्यरत था।
सिरसा निवासी पंकज टंडन पुत्र बनारसी दास उनका पारिवारिक मित्र है। उसे वह हरदीप सिंह व उसकी पत्नी गुरप्रीत कौर को मामा कहकर पुकारते हैं। हरदीप ने बताया कि पंकज टंडन एसबीआई बैंक के पास हैल्सियन इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स के नाम से एक सेंटर चलाता है। उसके साथ लुधियाना से गुरप्रीत सिंह नामक व्यक्ति वीनस स्टडीज का संचालक है।
आरोपी गुरप्रीत सिंह ने हरप्रीत सिंह को अपने तीन साथियों सोनिया, देसा सिंह व अनरप्रीत को वीनस स्टडीज के कर्मचारी बताकर उसे विश्वास में लिया। उक्त पांच व्यक्तियों ने उसे बार-बार वर्क परमिट पर विदेश भेजने का प्रलोभन देकर करीब साढ़े 29 लाख रुपये की ठगी की है।
हरप्रीत सिंह ने बताया कि उसने विदेश जाने के लिए शिक्षक पद से इस्तीफा भी दे दिया। हरप्रीत सिंह ने बताया कि पंकज टंडन उनके डिंग रोड स्थित आवास पर आए। उन्होंने इमिग्रेशन सेवाओं (विदेश प्रवास संबंधी सेवाओं) के झूठे वादे करके उन्हें प्रलोभन दिया और यह दावा किया कि वे हरदीप और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के लिए यूनाइटेड किंगडम में वर्क परमिट की व्यवस्था करवा देंगे।
आरोपियों ने यह आश्वासन भी दिया कि वे वर्क परमिट प्राप्त करने के लिए समस्त दस्तावेजी कार्यवाही का कार्य संभाल लेंगे और उसे केवल अपने पासपोर्ट और अपेक्षित भुगतान राशि उपलब्ध करानी होगी।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने पंकज टंडन और गुरप्रीत वीनस के कहने पर 24 नवंबर 2023 को सोनिया के बैंक खाते में 10 लाख रुपये, 21 दिसंबर 2023 को देसा सिंह के खाते में 6 लाख रुपये, 25 जनवरी 2025 को अनरप्रीत के खाते में 3 लाख 15 हजार रुपये, 26 जनवरी 2024 को पंकज टंडन को 4 लाख रुपये नकद और 6 लाख 20 हजार रुपये बीमा, बायोमेट्रिक, एंबेसी व इमिग्रेशन के लिए क्रेडिट कार्ड से कुल 29 लाख 35 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। 11 जनवरी 2024 को शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी के लिए यूनाइटेड किंगडम के वीजा मंजूर किए गए।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया और 13 फरवरी 2024 को यूनाइटेड किंगडम चले गए। वहां जाकर उन्हें पता चला कि वहां पर लारजू टेक्नो लिमिटेड यूके नाम की कोई कंपनी नहीं है। इसके बाद उसने पंकज टंडन से व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजे लेकिन पंकज टंडन ने टालमटोल करने लगा।
शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी के बार-बार अनुरोध और प्रयास किए जाने के बावजूद भी उक्त कथित नियोक्ता के साथ अपनी नौकरी शुरू नहीं कर पाए। 21 जुलाई 2024 को शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी के इमिग्रेशन अधिकारियों से एक ईमेल मिली और दोनों का यूनाइटेड किंगडम में प्रवेश अधिकार तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
इसका कारण यह बताया गया था कि आपने अपनी स्पॉन्सर कंपनी के लिए काम शुरू नहीं किया है। असलियत यह है कि उक्त दिए गए पते पर लारजू टेक्नो लिमिटेड यूके के नाम की कोई कंपनी मौजूद नहीं थी। पीड़ित हरदीप सिंह ने जिला पुलिस अधीक्षक सिरसा को शिकायत दर्ज करवाकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा से जांच करवाने के आदेश दिए हैं।