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लंपी लील गई 28 पशुओं को, विभाग के पास खत्म हुआ वैक्सीन का स्टॉक

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नंदीशाला में फॉगिंग करते कर्मचारी। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग के पास पहुंची 26,100 डोज महज तीन दिनों में ही खत्म हो चुकी है। जिसके कारण अब वैक्सीनेशन प्रक्रिया बंद हो गई है। हालांकि विभाग की ओर से करीब 15 दिन पहले ही 80 हजार वैक्सीन की डोज मांगी गई थी लेकिन इसमें से केवल 26100 डोज ही मिल पाई थी। वहीं बीते तीन दिनों में ही 70 पशुओं की मौत लंपी स्किन बीमारी से हुई है। जिनमें 31 भैंस शामिल हैं। जिले में अब तक 175 पशु लंपी स्किन बीमारी की भेंट चढ़ चुके हैं।
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जिले में लंपी स्किन बीमारी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही। सोमवार को करीब 28 पशुओं की मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ विभाग की ओर से भोपाल लैब में भेजे गए पशुओं के सैंपलों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। फिलहाल संक्रमण से पशुओं को बचाने के लिए फॉगिंग या फिर अन्य उपाय किए जा रहे हैं। जिले में अभी तक 5794 हजार पशु इस बीमारी से संक्रमित हुए है, जिनमें से 4293 स्वस्थ्य हो चुके हैं। जिले में फिलहाल 1501 पशु संक्रमित हैं। पशुपालन विभाग के पास मौजूदा समय में एक भी डोज वैक्सीन की नहीं बची है। जिसके बाद पशुपालकों में चिंता और अधिक बढ़ने लगी है। लोग अपने स्तर पर उपाय के प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिसके कारण पशुओं की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। खासतौर पर सबसे अधिक चिंता की स्थिति डबवाली व कालांवाली क्षेत्र में बनी हुई है।
बेसहारा पशुओं की वजह से संक्रमण फैलने की आशंका
जिला प्रशासन की तरफ से धारा 144 लगाई जा चुकी है ताकि अन्य सीमावर्ती राज्यों से पशु जिला में न पहुंच पाए और इसके लिए नाका भी लगाया जा चुका है। परंतु जिला में ही घूम रहे बेसहारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए अभी तक कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए है। शहर में ही अब करीब तीन हजार बेसहारा पशु घूमते हुए नजर आते है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को इसी बात की चिंता सता रही है कि कहीं इन बेसहारा पशुओं से संक्रमण न फैल जाए अगर ऐसा हुआ तो स्थिति और अधिक चिंतनीय बन जाएगी।
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जिला प्रशासन की तरफ से करवाई गई फॉगिंग
शहर की विभिन्न गोशालाओं व नंदीशालाओं में जिला प्रशासन की तरफ से फॉगिंग करवाई जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत के सहयोग से फॉगिंग कार्य किया जाएगा। केलनियां स्थित नंदीशाला के उपप्रधान सुधीर ललित ने बताया की रविवार से ही फॉगिंग कार्य शुरू कर दिया गया। वहीं नंदीशाला में एक भी पशु संक्रमित नहीं हुआ है। पशुओं को लंपी स्किन बीमारी से बचाने के लिए कुछ समय के लिए नए पशुओं को नहीं लिया जा रहा है।
तैयारी: बेसहारा पशुओं को वैक्सीन लगाने के लिए सामाजिक संगठनों को लेंगे सहारा
वैक्सीन आने के बाद पशुपालन विभाग की ओर से बेसहारा पशुओं का भी वैक्सीनेशन किया जाएगा। जिन पशुओं को वैक्सीन लगाई जाएगी उनकी पहचान के लिए उन पर रंग लगाया जाएगा। हालांकि बेसहारा पशुओं का वैक्सीनेशन काफी कठिन कार्य है। इसलिए इस काम में सामाजिक संस्थाओं व ग्रामीण लोगों का सहयोग लिया जाएगा।
गोशाला संचालकों को नहीं मृत पशुओं को दफनाने के नियमों की जानकारी
गांव बिज्जूवाली व मुन्नावाली में श्रीकृष्ण गोपाल गोशाला में अब तक करीब 8 से 10 पशुओं की मौत लंपी स्किन बीमारी से होना बताई जा रही है। इन मृत पशुओं को उठाने का ठेका किसी अन्य को दिया गया है। वे मृत को पशु को दफनाते हैं या हड्डा रोड़ी में खुले में डाल रहे हैं इसकी जानकारी गोशाला संचालकों के पास नहीं है। हालांकि जिला प्रशासन व विभाग की ओर से बीमारी से संक्रमित पशुओं को दफनाने के लिए अलग से नियम बनाए गए हैं। गोशाला प्रधान कालूराम ने बताया कि उन्हें सोमवार सुबह इसकी जानकारी मिली कि प्रशासन ने अलग से नियम बनाए हुए हैं। वहीं दो गांव की इस गोशाला में 350 पशु है जिनमें से 100 पशु लंपी स्किन बीमारी से संक्रमित बताए जा रहे हैं।
80 हजार वैक्सीन की डिमांड मुख्यालय को भेजी गई थी, जो जल्द ही मिलने की उम्मीद है। बेसहारा पशुओं को भी वैक्सीन लगाई जाएगी जिसके लिए संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। वहीं मृत पशु को दफनाने के लिए नियम बनाए गए हैं। मृत पशु को कम से कम 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर ही दफनाया जाना चाहिए।
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-डॉ. विद्यासागर बांसल, उप निदेशक पशुपालन विभाग
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