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शहर में 60 जगहों पर लगेंगे 218 सीसीटीवी कैमरे

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शहर में पिछले चार साल से अधर में लटके सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट अब पूरी होने की उम्मीद जागी है। क्योंकि पुलिस विभाग ने शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का टेंडर की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी है। बीते सप्ताह एसडीएम, डीएसपी और नगर परिषद के अधिकारियों के बीच हुई मीटिंग में इसका फैसला हुआ है।
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शहर में 60 जगहों पर 218 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं।
यह कैमरे रेड लाइट, भीड़ वाले वाले एरिया और चौराहों पर लगाए जाने हैं ताकि आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाया जा सकें। सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल रूम पुलिस विभाग के पास ही एसपी कार्यालय में रहेगा। कुछ दिनों पहले एसडीएम के साथ डीएसपी आर्यन चौधरी और नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता सुमित मलिक की बैठक हुई थी। इस बैठक में डीएसपी आर्यन चौधरी ने नप को यह टेंडर लगाने की हिदायतें दी थी। तब फैसला हुआ था कि नगर परिषद ही सीसीटीवी के लिए टेंडर कॉल करेगी। बीते दिन शुक्रवार को नप ने टेंडर कॉल करने के लिए गाइडलाइन का अध्ययन करना शुरू कर दिया है।
गाइड लाइन में कैमरों की क्वालिटी से लेकर हर प्वाइंट का किया गया है जिक्र
नगर परिषद ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए स्थानीय शहरी निकाय विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का अध्यक्ष किया। यह गाइडलाइन करीब 83 पेजों की है। जिसमें कैमरों की क्वालिटी से लेकर हर प्वाइंट का जिक्र किया गया है। गाइडलाइन अनुसार शहर के हर प्रवेश और निकासी द्वार पर कैमरे लगाए जाने जरूरी है। जो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, उसमें एक साल से लेकर छह साल तक मरम्मत का प्रावधान किया जाएगा। कैमरे लेटेस्ट वर्जन को होंगे और इनकी लाइफ कम से कम दस साल तक होनी चाहिए। कैमरों का वजन 0.45 किलोग्राम से अधिक होना चाहिए। साथ ही हवा की 185 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर भी कैमरों को नुकसान नहीं होना चाहिए। कैमरों की ऊर्जा खपत से दस से 13 वॉट के बीच होनी चाहिए।
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टेक्नोलॉजी से संबंधित गाइड लाइन
टेंडर में करीब 37 इन शर्तों को शामिल किया जाएगा। जिसमें कि आटोमेटिक नंबर प्लेट आईडेंटिफिकेशन, वीडियो टैगिंग विद नंबर प्लेट, वाहन नंबर प्लेट पुराने स्टोरेज के साथ मैच, चोरी व्हीकल स्पेशिफिकेशन, रेड लाइट व जेबरा क्रासिंग वाइलेशन पर डिटेक्शन, किसी भी प्रकार की वाइलेशन होने पर डिस्प्ले पर अलर्ट, ट्रैफिक वाइलेशन पर आटो चालान, वाहनों का पुराना रिकॉर्ड, 250 मीटर की दूरी से रात को वाहन को कैप्चर करना सहित करीब 37 नियम टेक्नोलॉजी से संबंधित है।
बढ़ सकता है बजट
शहर में पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी द्वारा करीब 49 लाख 70 हजार रुपये की राशि का प्रावधान सीसीटीवी कैमरों के लिए किया था। लेकिन मौजूदा समय में कैमरे लगाने के लिए अधिक बजट की आवश्यकता पड़ सकती है। क्योंकि बीते दिनों हुई मीटिंग में कुछ कैमरा एक्सपर्ट फर्म को बुलाया गया था, मीटिंग में उन्होंने बताया था कि यदि भूमिगत वायर बिछाई जाएगी तो इस पर करीब 54 लाख रुपये का खर्च आएगा। लेकिन यदि खंभों पर केबल डालते हैं तो करीब सात लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। हालांकि अभी प्रशासन ने इस पर फैसला नहीं किया।
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हमने नगर परिषद को टेंडर लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। जल्द ही टेंडर लगाया जाएगा।
आर्यन चौधरी, डीएसपी सिरसा।
टेंडर के लिए गाइड लाइन तैयार की जा रही है। मुख्यालय से आई हुई सीसीटीवी गाइड लाइन का भी अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही टेंडर लगाया जाएगा।
सुमित मलिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद सिरसा।
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