घग्घर का जलस्तर बढ़ने से मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट
रानियां। मानसून खत्म होने के पश्चात हिमाचल, पंजाब व हरियाणा में हुई भारी बारिश से ओटू हैड पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश से घग्घर नदी हरियाणा के पिछले इलाकों में उफान पर है और पंजाब व हरियाणा में घग्घर के आसपास के इलाकों को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। गुहला चीका हैड पर पानी 32 हजार को पार कर चुका है और पानी की निरंतरता बनी हुई है। ओटू हैड पर सुबह तक पानी पहुंचने की संभावना है और ओटू हैड पर पानी 40 हजार क्यूसेक के लेवल को पार कर सकता है। घग्घर नदी पर ओटू हैड पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पंजाब के कई क्षेत्रों में तो पानी का जलस्तर काफी उच्चतम स्तर पर बताया जा रहा है। ओटू हैड पर खतरे के बादल पूरी तरह मंडराने लगे हैं। लगातार बढ़ रहा है जलस्तर फिलहाल ओटू हैड पर करीब एक हजार क्यूसेक पानी पहुंचा है। इसके अलावा घग्घर नदी के पिछले क्षेत्रों में जलस्तर काफी ऊंचा बताया जा रहा है। जिसकी वजह से ओटू हैड पर पानी बढने की काफी संभावना है। गुहला चीका में अब तक करीब 32 हजार क्यूसेक पानी है। जोकि लगातार बढ़ता ही जा रहा है। लगातार बढ रहे जलस्तर से ओटू हैड व आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
2010 के समय करीब 24 हजार क्यूसेक पानी से क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी और भारी तबाही मचाई थी। मौजूदा जलस्तर इससे कहीं अधिक बताया जा रहा है। जिसके कारण 2010 का मंजर याद आने लगता है। प्रशासन अभी से तैयारियों में जुटा गया है। अगर पानी की यही स्थिति रही तो अंदरुनी क्षेत्र की फसलें डूबना तय है और घग्घर नदी से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। घग्घर के बाहरी क्षेत्र के किसान ट्यूबवैलों से ही फसल की सिंचाई करते हैं। बरसात से किसानों को थोड़ी राहत अवश्य मिली है। वहीं क्षेत्र के किसानों को घग्घर व घग्घर से निकलने वाली नहरों से काफी फायदा होता है। घग्घर से आसपास के करीब 100 गांवों का रकबा सिंचित होता है। घग्घर के पानी से फसलों का फैलाव अधिक होता है और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है।
ये बोले किसान
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बाढ से अंदरुनी फसलों पर भी खतरा घग्घर के अंदरुनी क्षेत्र में धार के 100 फुट के अलावा कई गांवों के किसानों की जमीने है। किसान रमेश, सुखविंद्र, कश्मीर सिंह, दयाल सिंह आदि ने बताया कि घग्घर के अंदरुनी क्षेत्र में साठी धान लगाया हुआ है। वह धान अब पकने को तैयार है। वह फसल पर काफी खर्च कर चुके हैं। फसलों पर करीब 15 हजार रुपये का खर्च हो चुका है। पहले ही मंदे की मार से गुजर रहे किसानों के लिए अब और मार की संभावना बढ़ गई है।
बॉक्स
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एक्सईएन एन.के.भोला का कहना है कि घग्गर में बरसाती पानी आना शुरू हो गया है। गुहला चीका हैड पर लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से चिंताएं बढ़ रही है। जलस्तर काफी बढ़ रहा है। बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन की ओर से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
2010 में ये थी पानी की स्थिति
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गुहलाचीका हेड : 33100 क्यूसेक
खनौरी हेड : 14500 क्यूसेक
चांदपुर हेड : 5370 क्यूसेक
ओटू हैड : 1000 क्यूसेक