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किसानों ने काली पट्टी बांधकर जाता सरकार के खिलाफ रोष

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धरने पर बैठे दो किसानों की हालत बिगड़ी
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किसानों ने काली पट्टी बांधकर जाता सरकार के खिलाफ रोष
लघु सचिवालय में दूसरे दिन भी जारी रहा किसानों का धरना
अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति ने की किसानों को समर्थन की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की मांग को लेकर किसानों का लघु सचिवालय में धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन किसानों ने काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध किया। अखिल भारतीय जाट आरक्षण समिति ने किसानों के धरने को खुला समर्थन देने की घोषणा है। दोपहर को धरने पर बैठे दो किसानों की हालत बिगड़ गई, उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। धरनारत किसानों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि अगर सरकार ने किसान आंदोलन को जबरदस्ती दबाने का प्रयास किया तो पूरे भारत में आंदोलन तेज किया जाएगा। किसान आज घाटे की खेती करके खेती से तंग आ चुका है। इसलिए वह पूरे देश में आंदोलन की राह पर है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश ममेरा ने कहा कि किसानों का धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार किसानों की सारी मांगें नहीं मान लेती।
इस अवसर पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। स्वामीनाथन रिपोर्ट ही किसानों को बचाने का एक मात्र उपाय है। इसलिए केंद्र सरकार बिना विलंब किए स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करके अपने किसान हितैषी होने का प्रमाण दे। दोपहर को धरने पर बैठे किसान धनाराम व साहब राम की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। इस मौके पर रणधीर जोधका, गुरूदिता, धनाराम खोथ, कृष्ण ढाका, ख्याली हंजीरा, गुरटेक सिंह, भूपेेंद्र बैनीवाल, धनश्याम सहारण, ब्रजलाल बाजिया, प्रदीप बाजिया, जगदीश चाहर, विकास तेतरवाल, सुरेंद्र मुंड, सतपाल, रमेश, श्रीराम, सुनील रूपावास, महावीर रुपावास, भूप सिंह, हरि सिंह, विनोद कुमार, नेकीराम सिहाग, हरफूल व रामप्रताप उपस्थित रहे।
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किसान संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों की निगरानी
स्टेट इंटेलिजेंस सीआईडी ने प्रदेशभर में किसान यूनियनों व संघों से जुड़े पदाधिकारियों की निगरानी शुरू कर दी है। सीआईडी ने किसान यूनियनों व संघों से जुड़े पदाधिकारियों की सूची तैयार करके जिला प्रशासन को सौंपी है। इसके बाद प्रशासन की तरफ से उक्त पदाधिकारियों को नोटिस थमाया गया है। सिरसा की सूची में अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विकल पचार, प्रकाश सिहाग, गुरनाम सिंह निवासी पक्का शहीदा, गुरनाम सिंह देसू मलकाना, सतनाम सिंह धनूर, रमेश सहारण ढाणी शेरा, ओम प्रकाश जोधपुरिया, राजंद्र कुमार बालासर, राजकुमार शेखुपुरिया व का. सुरजीत सिंह का नाम शामिल है। अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विकल पचार का कहना है कि किसान नेताओं के घरों में जाकर प्रशासन ने नोटिस दिया है। उनसे कहा गया है कि अगर रोड जाम व धरना प्रदर्शन करके शांति भग करने की कोशिश की तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार डराकर आंदोलन को दबाना चाहती है लेकिन ऐसा नहीं होगा।

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