अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
नगर परिषद सिरसा की मेहरबानी से नगर उस समय चकाचक हुआ था जब केंद्र सरकार की ओर से टीम स्वच्छता सर्वे के लिए आई थी। अब हालात पहले जैसे हैैं। सर्फाईकर्मियों की कमी के चलते वार्डों एक या दो दिन छोड़कर सफाई की जा रही है। विरोधी पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्र्ड में कमियों की संख्या कम कर दी गई है। तो दूसरी उप प्रधान का कहना हैै कि अधिकाािरयों की कोठी पर लगे कर्मियों को बुलाया जाए तोे स्थिति सुधर सकती हैै। प्रधान का कहना है कि 200 कर्मियों की भर्ती के लिए लिखा गया है। उधर, मुख्य सफाई निरीक्षक का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के बावजूद सफाई की ओर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
सिरसा नगर परिषद में 31 वार्र्ड हैं और आबादी करीब पौैने दो लाख है। परिषद के पास 263 सफाई कर्मी हैं। ऐसे में नगर की सफाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही हैै। बाजारों में तो सफाई की ओर पूरा ध्यान दिया जा रहा है पर वार्डों में हालात खराब हैै। नगर के बाहर की आबादी में तो बुरा हाल है, जबकि प्रमुख सड़कों के किनारे गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। पार्षदों का आरोप हैै कि उनकी समस्या की ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। हर बार कर्मचारियों की कमी की बात कही जाती है। ज्यादा शोर मचाने पर उनके वार्ड में पहले से लगे कर्मचारी हटा लिए जाते हैं। वार्ड नंबर 23 के पार्षद राजेश गुर्जर ने बताया कि उनके वार्र्ड में एक दिन छोड़कर सफाई की जा रही है और कुछ कॉलोनी ऐसी हैं जहां पर दो दो दिन छोड़कर सफाई होती हैै। उनका कहना है कि उनके वार्ड में सबसे ज्यादा लावारिस पशु हैं जो गंदगी फैला देते हैैं। राजेश का आरोप हैै कि उनके साथ भेदभाव किया जाता हैै। भेदभाव को लेकर उन्होंने प्रधान और परिषद के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की हुई है।
वार्ड नंबर 19 की पार्षद नीतू सोनी का कहना है कि उन्हें प्रधान के खिलाफ बोलने की सजा दी जा रही है। उनके वार्ड में सफाई कर्मियों की संख्या कम कर दी गई है। वे वार्ड में लगे गंदगी के ढेर की फोटो उच्चाधिकारियाें तक भेज रही है पर कोई सुनता नहीं है। वार्ड 11 के पार्षद जशभन इंसा ने बताया कि उनके वार्ड में दो ही सफाई कर्मचारी है जबकि नौ कॉलोनी है। उनकी मांग है कि सफाई कमियों की संख्या बढ़ाई जाए। नगर परिषद के उप प्रधान एवं वार्ड चार के पार्षद रणधीर सिंह ने बताया कि उनके वार्ड में पांच कॉलोनी हैैं और सफाई कर्मी दोे हैं। उनका कहना है कि उन्हाेंने हिसार में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री कविता जैैन के समक्ष समस्या उठाई थी कि अधिकारियों की कोठी पर लगे सफाई कर्मचारियों को बुलाया जाए पर आज तक कुछ भी नहीं हुआ। उन्हाेेंने बताया कि रानियां रोड पर गुरुनानक स्कूल के सामने गंदगी के ढेर लगे होते है पर कोई सुनता नहीं है।
दो सौ कर्मियों की भर्ती के लिए लिखा है
वर्ष 2005 में नगर परिषद में सफाईक र्मियों की संख्या 403 थी और अब तो आबादी बढ़ी है पर संख्या 263 है जबकि आबादी के हिसाब से संख्या 469 होेनी चाहिए। दो सौ सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए लिखा गया है। स्वीकृति मिलते ही भर्ती कर दी जाएंगी। रही बाद भेदभाव की तोे ऐसा किसी के साथ नहीं हो रहा है। सभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया जा रहा है। अधिकारियों की कोठी पर सर्फाईकर्मी लगे हैं या नहीं पता करवाया जाएगा।
-शीला सहगल, प्रधान नगर परिषद सिरसा।
सफाईकर्मियों की कमी हैै
नगर परिषद में इस समय 263 सफाई कमी हैैं, जबकि 309 पद स्वीकृत हैं। आबादी के हिसाब से 469 सफाईकर्मी होने चाहिए। कर्मचारियाें की कमी के बावजूद सर्फ ाई की ओर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। रोजाना कूड़ा उठाया जा रहा है। अगर कहीं कोई शिकायत हैै तो वे उसका समाधान भी करेंगे। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
-देवेंद्र बिशभनोई, मुख्य सफाई निरीक्षक।