धरना दे रहे आठ किसान हुए अचेत
एंबुलेंस द्वारा ले जाया गया सिविल अस्पताल, तीन किसानों की हालत चिंताजनक, पांच को मिली अस्पताल से छुट्टी
स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने की मांग को लेकर दे रहे हैं धरना
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट और कर्ज माफी की मांग मनवाने के लिए पिछले 25 दिनों से लघु सचिवालय में धरने व अनशन पर बैठे किसानों की हालत बृहस्पतिवार को बिगड़ गई। दोपहर अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार समेत धरने पर बैठे आठ किसान अचेत हो गए। आनन फानन में सिविल अस्पताल में फोन करके एंबुलेंस को बुलवाया गया। इन किसानों को एमरजेंसी वार्ड में दाखिल किया गया। जहां शाम को उपचार के बाद संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार, किसान भूप सिंह, कंवरभान, रामस्वरूप व रामेश्वर को छुट्टी दे दी गई जबकि किसान धन्नाराम, परमजीत व गुलाब की हालत चिंताजनक होने के कारण उन्हें दाखिल किया गया है।
गर्मी में लगातार धरने व अनशन पर बैठने के कारण किसान उल्टी, दस्त, रक्तचाप व बुखार से ग्रस्त हो रहे हैं। सरकार व प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई में नुमाइंदा या अधिकारी किसानों से बातचीत के लिए नहीं आया है। इससे पहले वीरवार सुबह चिलकनी गांव से काफी किसान धरने पर पहुंचे और साथ में धरने पर बैठ गए। इसके बाद रोडवेज यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरजीत अरोड़ा ने धरने पर आकर किसानों को समर्थन दिया। किसानों को संबोधित करते किए किसान नेता परमजीत माखा ने कहा कि आज अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के सात धरने हरियाणा व राजस्थान में चल रहे हैं। पूरे देश का किसान स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की मांग कर रहा है। यदि बीजेपी सरकार जल्द नहीं जगी तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। सरकार अपना हक लेने के लिए खेती छोड़कर सांसदों और विधायकाें का धेराव करेंगे। इस मौके पर ख्यालीराम, हवा सिंह, पवन, हरफूल, वेदपाल, वेदपाल, लखविंद्र, राम प्रताप मौजूद थे।
पीछे नहीं हटेगा किसान
सिविल अस्पताल में उपचाराधीन अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल पचार ने मीडिया से कहा कि इस बार चाहे उनकी जान भी क्याें नहीं चली जाए , लेकिन किसान इस आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। किसान सरकार से अपना हक मांग रहा है, कोई भीख नहीं। किसान नेता प्रकाश ममेरा ने कहा कि बीजेपी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे हालात हरियाणा में पैदा करना चाहती है। हरियाणा का किसान बिफर गया तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
25 दिनों से जारी है धरना
सिरसा में भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बनैर तले किसानों का धरना 25 दिनों से जारी है। अब तक धरने पर बैठे किसानों को तबियत बिगड़ने पर सात बार उन्हेें सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया जा चुका है। करीब 25 किसान डायरिया से ग्रस्त हो चुके हैं। प्रशासन ने भी किसानों के धरने को गंभीरता से लेना छोड़ दिया है। हां, किसानों की संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन की तरफ से पुलिस फोर्स जरूर बढाई जाती है। कोई भी अधिकारी या बीजेपी सरकार का नेता बीमार किसानों का हाल पूछने अभी तक नहीं आया है।