65 हजार जुर्माना भी लगाया, पीड़ित को जुर्माना राशि में से मिलेगा 50 हजार रुपये मुआवजा, गर्भवती हो गई थी नाबालिग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नाबालिग को शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म करने के मामले में मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दोषी 26 वर्षीय सतपाल गांव पक्का सहारणा 30 एमएम चक जिला हनुमानगढ़ राजस्थान का रहने वाला है। न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल द्वारा सुनाए गए इस फैसले में जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। इस मामले में दुष्कर्म के बाद नाबालिग गर्भवती हो गई थी।
मामले के अनुसार, दो अक्तूबर 2021 को एक व्यक्ति ने रानियां पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को सतपाल शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी। 10 जनवरी 2022 को पुलिस ने नाबालिग को बस अड्डा हनुमानगढ़ से बरामद कर लिया। पुलिस ने नाबालिग की नागरिक अस्पताल में चिकित्सा जांच कराई तो वह दो माह की गर्भवती पाई गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सतपाल के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर 13 जनवरी 2022 को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पंजाब में की नाबालिग से शादी
पूछताछ में सतपाल ने बताया कि उसका नाबालिग के घर आना-जाना था। एक दिन नाबालिग उसकी दादी के घर आई तो उसने उसके साथ शादी करने का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए। दो अक्तूबर 2021 को वह नाबालिग को भगाकर अपने साथ हनुमानगढ़ ले गया। इसके बाद वे दोनों अबोहर पंजाब चले गए। यहां उन्होंने शादी कर ली, फिर वह नाबालिग को जैसलमेर राजस्थान ले गया।