भाखड़ा में रिसाव के कारण मूंग की फसल में भरा पानी ।
रोड़ी। गांव सुरतिया के नजदीक सोमवार देर शाम को भाखड़ा नहर से रिसाव शुरू हो गया था। भाखड़ा नहर का पानी साथ बने हुए ट्यूबवेल के गड्ढे से निकलना शुरू हो गया। जिस समय हादसा हुआ था उस समय नहर में 1500 क्यूसिक पानी बह रहा था। पानी के रिसाव की सूचना मिलने के साथ ही ग्रामीणों ने गांव में मुनादी करवा दी। जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर व अन्य सामान लेकर मौके पर पहुंचे।
इसके साथ ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया। 11 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद नहर को पाटने का काम पूरा हो पाया। इस दौरान जेसीबी भी धंस गई और जेसीबी चालक बाल-बाल बचा। बता दें कि भाखड़ा नहर से रिसाव की जानकारी मिलने के साथ ही नहरी विभाग हरकत में आया गया। विभाग के अधिकारी पोकलेन मशीन लेकर मरम्मत कार्य करने के लिए मौके पर पहुंच गए।
नहरी विभाग के एसडीओ धर्मपाल ने बताया कि मंगलवार की सुबह 5 बजे से टोहाना से भाखड़ा नहर का पानी बंद करवाया गया। नहर में कटाव होने के कारण 20 फुट की लंबाई तक ईंटों के बैड को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों व ग्रामीणों ने मिलकर नहर को दुरुस्त किया। सुबह 9 बजे के आसपास नहर में पानी दोबारा शुरू करवाया गया। हालांकि इस दौरान नहर के रिसाव से आसपास की मूंग की कई एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है।
पेड़ों की जड़े तटबंध पर लगी ईंटों में घुसने से हुआ कटाव
बता दें कि पिछले साल सितंबर माह में भाखड़ा नहर की सफाई करवाई गई थी। उसके बाद कभी भी नहरी विभाग के द्वारा नहर की सफाई नहीं करवाई गई। जिसके कारण नहर के नजदीक खड़े दो पेड़ों के तने नहर के तटबंध पर लगी ईंटों में घुस गए। जिससे धीरे-धीरे पानी का रिसाव होने लगा और वह रिसाव बढ़ने के कारण ही नहर में लीकेज होने लगी थी। फिर नहर में हुआ कटाव तटबंध में लगभग 20 फुट तक बढ़ गया। इतना ही नहीं, नहर की सुरक्षा को लेकर तैनात बेलदार ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं वन विभाग की ओर से पेड़ों की नंबरिंग के दौरान इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
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बंद को मजबूत करने के लिए किसानों ने लगाए कट्टे
भाखड़ा नहर में रिसाव के बाद किसानों ने भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। इसको लेकर मिट्टी के कट्टों के माध्यम से तटबंध को मजबूत करने में जुट गए। वहीं प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाते हुए 65 के करीब मनरेगा मजदूरों से नहर के किनारे उगी झाड़ियों व पेड़ों की छंगाई का कार्य शुरू कर दिया। जिससे कहीं ओर भी रिसाव नहर में नजर आए तो उसको तुरंत प्रभाव से दुरुस्त करवाया जा सके।
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लीकेज बंद करने पहुंची जेसीबी हुई क्षतिग्रस्त
जेसीबी के मालिक हिम्मत सिंह ने बताया कि नहर में हो रही लीकेज को ढूंढते समय नहर के साथ वाली पटरी पानी निकलने की वजह से नीचे से खोखली होने के कारण नीचे बैठ गई। चालक समेत जेसीबी मशीन उसमें धंस कर क्षतिग्रस्त हो गई। जेसीबी मशीन क्षतिग्रस्त होने से लगभग 1 लाख रुपये के करीब का नुकसान हुआ है।