चरखी दादरी/बौंदकलां। बौंदकलां खंड के बड़े गांवों में शुमार रानीला में बनी पेयजल समस्या का अब स्थायी समाधान हो जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग गांव में दो बूस्टिंग स्टेशन बनवाएगा। पेयजल लाइनें भी नई डाली जाएंगी। इसका प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा जा चुका है। स्वीकृति और बजट मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। रानीला जिले के बड़े गांवों में शामिल है। गांव की आबादी करीब 15,000 है। यहां दो जलघर होने के बावजूद ग्रामीण लंबे समय से पेयजल समस्या का दंश झेल रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो पानी का असमान वितरण व नहरी पानी की कमी पेयजल संकट गहराने का मुख्य कारण है। उनका कहना है कि लंबे समय से वे समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर गांव में इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने सकारात्मक कदम उठाया। पंचायत ने प्रस्ताव तैयार कर जनस्वास्थ्य विभाग के पास भेजा। इसमें इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दो बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण व नई पेयजल लाइन डालने की मांग की गई।
इस प्रस्ताव पर संज्ञान लेकर विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया। अब इसे मुख्यालय से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। इसके तुरंत बाद विभाग आगामी प्रक्रिया शुरू कर देगा। वहीं, समस्या का समाधान होने से 15,000 की आबादी को राहत मिलेगी।
पानी की टंकियों में लारवा की जांच की
झोझूकलां/कादमा। कादमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने एंटी लारवा अभियान चलाया। मुहिम की अगुवाई सुनील कुमार ने की। उन्होंने कूलर, गमलों, सकोरों और पानी की टंकियों में लारवा की जांच की। इसके अलावा गांव के सामुदायिक भवनों में भी जांच की गई।
इस दौरान डाॅ. विकास कलकल, डाॅ. विकास और डाॅ. योगेश का सहयोग रहा। डॉ. विकास ने ग्रामीणों को बताया कि घरों के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें और कहीं भी जलभराव न होने दें। जुकाम, बुखार व खांसी आदि लक्षण होते ही चिकित्सक से परामर्श लें।