संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 18 से 20 डिग्री का अंतर का बुरा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मौसम में होने वाले बदलाव के कारण जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी की संख्या तेजी से बढ़ गई है। गला खराब, जुखाम और बुखार के मरीज निरंतर बढ़ रहे है। खास तौर पर गला खराब यानी गले इन्फेक्शन के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार तापमान के अचानक उछाल से गर्म या ठंडा खाने से गले में इन्फेक्शन हो रहा है। इसको लेकर बेहद ज्यादा सतर्कता बच्चों और बुजुर्गों को बरतने की जरूरत है।
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी एक हजार से बढ़कर 1200 पहुंच गई है। नागरिक अस्पताल में 300 के आस पास गले के इन्फेक्शन और बुखार के मरीज आ रहे हैं। फसल कटाई के साथ मच्छरों का प्रकोप सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों की संख्या ज्यादा देखने को मिल रही है। शहरी क्षेत्र में भी फोगिंग की मांग उठ रही है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री व न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह और शाम के तापमान में 19 डिग्री का अंतर का असर लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ विभाग में व छाती रोग विशेषज्ञ के पास प्रतिदिन 300 के करीब की ओपीडी हो रही है। इनमें ज्यादातर मरीजों पर मौसम के बदलाव का असर देखने को मिल रहा है। गंभीर होने के चलते लगभग 20 बच्चों को बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया है।
-
बॉक्स
बच्चों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत : डाॅ. भारत भूषण
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत भूषण ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में छोटे बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आने से पहुंच रहे हैं। बच्चों में ज्यादातर बुखार, खांसी जुकाम और गले में दर्द की शिकायत के अधिक मामले पाए जा रहे हैं। चिकित्सक इस मौसम में बच्चों को ज्यादा ठंडी चीजें खाने से दूर रखने की सलाह दे रहे हैं। पानी को भी अच्छी तरह उबालकर पीने और रात के समय मच्छरों से बचाव के लिए उचित प्रबंध किए जाने का सुझाव दे रहे हैं। बच्चों को हल्का बुखार, गले में दर्द होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की भी सलाह दी जा रही है। छाती रोग विशेषज्ञ के पास भी मरीजों की बढ़ोतरी होेने लगी है। जिसमें ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी व जुकाम, गला दर्द के मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं मरीजों को मौसम खाने पीने में परहेज बरतने की सलाह दे रहे हैं।