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पार्षद राजेश गुज्जर की गिरफ्तारी के विरोध में रात को एसपी के पास पहुंचे पार्षद, फिर गए थाने

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सिरसा। वार्ड नंबर 23 के पार्षद राजेश गुज्जर को एक लड़ाई झगड़े के मामले में शुक्रवार को सिटी थाने में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कुछ दिनों पहले गुज्जर समाज के दो गुटों में झगड़ा हो गया था। इस मामले में एक पक्ष ने पार्षद राजेश गुज्जर के खिलाफ भी शिकायत दी थी। राजेश गुज्जर की गिरफ्तारी के विरोध में पार्षद शाम को पहले थाने में पहुंचे। लेकिन पुलिस ने छोड़ने से मना कर दिया।
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कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह व पार्षद एसपी से मिलने के लिए रात सात बजे उसकी कोठी पर पहुंच गए। पार्षदों ने एसपी से मिलने के लिए बाहर गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मचारियों से आग्रह किया। सुरक्षा कर्मचारियों ने कहा कि एसपी साहब कोर्ट केे मामले में बाहर गए हुए हैं। इसी बीच एसपी की गाड़ी आ गई। एसपी ने आते ही पार्षदों से आने के कारण पूछा। पार्षदों ने कहा कि पुलिस पहले मामले की तफ्तीश तो करे। पार्षद राजेश गुज्जर झगड़े वाले दिन गोवा में था। यदि पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं करती तो पार्षद की जमानत करवा ली जाएगी।
पार्षद जाने लगे तो एसपी ने तीन पार्षदों को बातचीत के लिए अंदर बुला लिया। एसपी के साथ नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह, पार्षद प्रतिनिधि दौलतराम सुखरालिया बातचीत के लिए गए। आधे घंटे तक चली बातचीत में एसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षद सिटी थाने में पहुंच गए। पार्षद राजेश गुज्जर के समर्थन में हलोपा नेता गोबिंद कांडा और कांग्रेसी नेता नवीन केडिया और होशियारी लाल शर्मा भी पहुंच गए। नेताओं ने पार्षद को छोड़ने के लिए कहा। लेकिन एसएचओ सुखबीर ने कहा कि पार्षद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। इसलिए वे नहीं छोड़ सकते। पार्षदों ने कहा कि एसएचओ जमानत ले सकता है। लेकिन एसएचओ ने मना कर दिया। देर रात तक थाने में पार्षद और अन्य लोग एकत्रित थे।
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एसपी निवास पर पार्षद राजू, मनोज मकानी, जश्न इंसा, पार्षद प्रतिनिधि ख्यालीराम, महावीर, गोलू मेहता, कर्मजीत सिंह, लक्की डावर, राजेश, पूर्व पार्षद बंत गुज्जर, पार्षद रोहताश, सुनील, हरदास सिंह रिंकू, भूषण बरोड़ उपस्थित थे।

पार्षद राजेश गुज्जर को पूछताछ के लिए बुलाया हुआ है। एक लड़ाई झगड़े के मामले में शिकायत आई थी, उसकी जांच के लिए बुलाया है।
- सुखबीर, एसएचओ सिटी।

हर कोई मुझसे मिलने के लिए आता है। मैने पार्षदों से कहा कि कोई भेदभाव नहीं होगा। कानून के लिए सब बराबर हैं। यदि कोई गलत काम करेगा तो सजा भुगतनी होगी। चाहे कोई भी हो। इस मामले की जांच एडिशनल एसपी कर रहे हैं।
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- अरुण सिंह, एसपी, सिरसा।
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