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डेरा के शिक्षण संस्थानों के 550 टीचरों को दो माह से नहीं मिला वेतन

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। डेरा सच्चा सौदा द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों पर सरकार द्वारा कसे गए शिकंजे का प्रभाव इन संस्थान में कार्यरत करीब 550 से अधिक शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ पर पड़ने लगा है। इन संस्थाओं के स्टाफ को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
डेरे के शिक्षण संस्थानों के स्टाफ ने वीरवार को फरवरी और मार्च माह का वेतन दिलाने के लिए डीसी कार्यालय पहुंचे। हालांकि डीसी किसी मीटिंग में व्यस्त थे। इसलिए स्टाफ की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद डीसी कार्यालय के एकाउंटेंट से स्टाफ मिला तो उन्होंने वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। स्टाफ ने पिछले दो साल का पीएफ देने का भी अनुरोध किया है।
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बता दें कि डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा हो चुकी है। पंचकूला और सिरसा में हिंसा होने के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरे के सभी खाते सीज कर दिए थे। शैक्षणिक संस्थानों के स्टाफ को वेतन देने के लिए डीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी को इसका सदस्य बनाया गया।
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कोर्ट के आदेश पर डेरे के शिक्षण संस्थानों को वेतन देने के लिए डीईओ और प्रिंसिपल का संयुक्त खाता खोला जाना है। 30 मार्च को मैं खाता खुलवाने के लिए बैंक में गई थी। लेकिन उस दिन बैंक का इंटरनेट ठप्प था। दूसरा वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग चल रही थी। इसलिए खाता खुलने में देरी हो गई। शनिवार से पहले नया ज्वाइंट एकाउंट खुलवा दिया जाएगा और वेतन डलवा दिया जाएगा।
- राजेश चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी।
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