अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। नशा के कारणों, दुष्परिणाम व उपायों तथा लोगों को नशे के विरुद्घ जागरूक करने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने मंगलवार को स्थानीय लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नशे की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की। इस अवसर पर उनके साथ पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर, अतिरिक्त उपायुक्त आम्रा तस्नीम एवं सीएमजीजीए पूर्वी चौधरी भी उपस्थित थी। उपायुक्त ने बैठक में जिले में बने नशा मुक्ति केंद्रों में चल रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में समीक्षा की। उन्होंने सिविल सर्जन से कहा नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले व्यक्तियों के लिए एक प्रश्रावली बनाएं तथा उनसे भरवाएं। जिसमें उनके जीवन से संबंधित प्रश्न हों, ताकि उनकी नशा छोड़ने की मानसिकता के बारे में पता चल सके। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि समय-समय पर नशामुक्ति अभियान चला कर लोगों को नशा न करने बारे जागरूक करें। अतिरिक्त उपायुक्त आम्रा तस्नीम ने नशा के कारणों, दुष्प्रभाव व बचने के उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। सीएमजीजीए पूर्वी चौधरी ने नशामुक्ति केंद्रों पर पाई जाने वाली खामियों के बारे में उपायुक्त को अवगत करवाया तथा नशामुक्ति केंद्रों पर स्टाफ की कमी के बारे में बताया। सिविल सर्जन डा. गोबिंद गुप्ता ने बताया कि नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र के बैड की संख्या बढ़ाकर 22 कर दी गई है। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के लिए सिक्योरिटी गार्ड तथा अन्य स्टाफ की कमी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले व्यक्तियों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं तथा समय-समय पर उनका हेल्थ चेकअप भी किया जाता है। इस अवसर पर एसडीएम सिरसा राहुल हुड्डा, एसडीएम डबवाली सुरेंद्र बेनीवाल, एसडीएम कालांवाली बिजेंद्र हुड्डा, नगराधीश शंभु, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रीतपाल सिंह, मनोचिकित्सक डा. पंकज शर्मा उपस्थित थे।