अमर उजाला ब्यूरो
डबवाली।
क्षेत्र के गांव अलीकां में स्थित एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले गांव नीलांवाली निवासी छात्र को स्कूल अध्यापक द्वारा कथित तौर पर सभी बच्चों के सामने सजा दी गई। बच्चे ने अपने साथियों के सामने बेईज्जती महसूस करते हुए घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद छात्र के परिजन व अन्य ग्रामीण उक्त स्कूल में पहुंचे। आत्महत्या के पीछे स्कूल में मिली प्रताड़ना को जिम्मेवार ठहराते हुए जवाब तलबी की। परिजनों को स्कूल में सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर परिजनों में रोष है। जवाब न मिलने पर परिजनों ने स्कूल के बाहर धरना देने की चेतावनी दी। उधर स्कूल संचालक का कहना है कि बच्चे को मिर्गी के दौरे पड़ते थे।
गांववासी नीलांवाली छात्र राजदीप के पिता गुरप्यार सिंह ने बताया कि राजदीप उनका इकलौता बेटा था और गांव अलीकां के एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था और उसे कभी-कभी दौरे पड़ते थे। उन्होंने बताया कि बीते 12 अगस्त को स्कूल में उसके टीचर ने उसे बुरी तरह डांट दिया और ग्राउंड के चक्कर लगवाए और बच्चों के सामने बेइज्जत भी किया। धूप व गर्मी बर्दाश्त न करने के चलते उसकी तबियत बिगड़ गई। जब इस बाबत उन्होंने शाम को राजदीप से पूछा तो उसने अध्यापक के खिलाफ नाराजगी तो जताई लेकिन कुछ बताया नहीं। अगले ही दिन रविवार को राजदीप ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
इसके बाद मामले से अंजान परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया और मामले की छानबीन करने के बाद स्कूल में पढ़ने वाले दूसरे बच्चों से पता चला कि शनिवार को उसे साथ ऐसा किया गया था। जिसके बाद परिजन व अन्य रिश्तेदार सच्चाई का पता लगाने के लिए उसके स्कूल में पहुंचे। जहां संचालक स्टाफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही उक्त टीचर मिली जिसने राजदीप को सजा दी थी। इसके अलावा उन्होंने सच्चाई जानने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखनी चाही लेकिन कैमरे भी बंद मिले। परिजनों का आरोप है कि स्कूल संचालक द्वारा इस मामले में कोइ सहयोग नहीं किया गया। मृतक के पिता गुरप्यार सिंह अन्य रिश्तेदारों ने बताया कि स्कूल में एडमिशन कराने के लिए चक्कर लगाने वाले स्टाफ छात्र की संदिग्ध मौत पर शोक जताने भी नहीं गए।
कई दिन से उदास चल रहा था राजदीप
इस बारे में स्कूल संचालक विजयंत शर्मा ने कहा कि बच्चे को मिर्गी के दौरे पड़ते थे और कुछ दिन से उदास सा था लेकिन स्कूल में किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं दी गई। नौवीं कक्षा में सीसीटीवी नहीं है और परिजनों के आने के दौरान उक्त मैथ्स टीचर स्कूल में नहीं थी। बाकी स्टाफ कक्षा के बच्चों से उन्हें मिलवा दिया था ऐसी कोई बात नहीं है। स्कूल प्रबंधन व स्टाफ पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
प्रताड़ना से तंग आकर छात्र ने की आत्महत्या
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए आरोप
स्कूल संचालक ने कहा-बच्चे को पड़ते थे मिर्गी के दौरे
-------------------------
फोटो:19एसआईआरपी32: मृतक छात्र राजवीर (फाइल फोटो) ।
फोटो:19एसआईआरपी33: स्पोर्ट्स में अव्वल रहे राजवीर को सम्मानित करते हुए प्रिंसिपल। फाइल फोटो:
-------