39 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य और 24 रोडवेज कर्मचारियों पर केस दर्ज, स्टाफ नर्सों ने रद्द की गेट मीटिंग
सिरसा। एस्मा के उल्लंघन पर सरकार की कार्रवाई से चिंतित बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने वीरवार को अपना धरना नागरिक अस्पताल से बदलकर टाऊन पार्क में शिफ्ट कर लिया है। वहीं अस्पताल में ही स्टाफ नर्सों द्वारा की जाने वाली दो घंटे की गेट मीटिंग को भी कर्मचारियों ने स्थगित कर दिया। इसके अलावा एस्मा के डर से घबराए कई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने वीरवार की दोपहर उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर एस्मा को हटाने व कर्मचारियों पर दर्ज किए गए केस रद्द करने की मांग की है। एस्मा लगाने के बावजूद कर्मचारियों द्वारा की हड़ताल व प्रदर्शनों से लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए इस बार कोर्ट ने भी सख्ती दिखाई और सरकार से जवाब तलबी की। इसके बाद सिरसा प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन ने एस्मा का उल्लंघन करने पर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य विभाग के करीब 40 व रोडवेज के 24 कर्मचारियों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
एस्मा लगने व केस दर्ज होने के बाद भी डटे रहे बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी:
एस्मा लगने व केस दर्ज होने के बाद भी वीरवार को बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी नागरिक अस्पताल से आकर टाऊन पार्क में बैठ गए। करीब एक घंटे तक बैठक करने के बाद कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए अंबेडकर चौक तक पहुंचे और कुछ देर नारेबाजी करने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया। कर्मचारियों के प्रदर्शन को वीरवार को कई कर्मचारी संगठनों के नेताओं व किसान संगठनों ने समर्थन दिया। इस मौके पर जिला प्रधान सुनीता सेठी ने कहा कि वे एस्मा कानून से डरने वाले नहीं हैं। पूर्ववर्ती सरकारों ने भी एस्मा लगाया था। लेकिन अंत में जीत कर्मचारियों की हुई थी।
स्टाफ नर्सों ने की दो घंटे की जाने वाली गेट मीटिंग स्थगित
दूसरी तरफ स्टाफ नर्सों ने भी अस्पताल परिसर में वीरवार को दो घंटे की गेट मीटिंग करनी थी। लेकिन एस्मा के तहत दर्ज किए गए केस से घबराकर उन्होंने भी गेट मीटिंग का फैसला स्थगित कर दिया। एसोसिएशन की प्रधान नीलम छाबड़ा ने कहा कि राज्य कमेटी के आह्वान पर ही उन्होंने दो दिन दो-दो घंटे सुबह 8 से 10 बजे तक गेट मीटिंग का कार्यक्रम रखा था। वीरवार की मीटिंग राज्य कमेटी के आह्वान पर ही स्थगित की गई है।
इन कर्मचारियों पर किया केस दर्ज
जिन कर्मचारियों पर केस दर्ज किया गया है। उनमें डिंग पीएचसी से अशोक कुमार, नरेश कुमार, सोनिया देवी, राका, दड़बी पीएचसी से सतीश कुमार, मुन्नी देवी, अमरप्रीत सिंह सूरतिया, सरस्वती रोड़ी से, सरीना मलड़ी से, उषा थिराज, राजपाल सिंह धिंगतानिया, जनकराज मल्लेकां, गोबिंद कुमार भंबूूर, पंकज कुमार नटार, राजेश कुमार वैदवाला, गुप्त सिंह बेगू, जगबीर सिंह माधोसिंघाना, सत्यवान मल्लेकां, सुनीता वनसुधार, सुखदेव कौर पनिहारी, बलजीत कौर पनिहारी, जितेंद्र कौर फरवाई कलां, निर्मला देवी नेजाडेलां कलां, वरूण कुमार धीरज कुमार व पुष्कर दत्त, जबकि रानियां में रानियां में 13 कर्मचारियों प्रमोद ओटू से, सुभाष चन्द्र खारियां से, जगदीश खारियां से, भान देवी नकोड़ा, सुनीता भड़ोलावाली, सरोज नानुआना, रुपिंदर ओटू, शशि फिरोजाबाद, नारायणी सुलतानपुरिया, शकुंतला जोधपुरिया, परमेश्वरी घोड़ांवाली, सुखदेव ढुडियांवाली, दर्शना खारिया व ऐलनाबाद में सुदेश कुमारी व दलीप कौर शामिल हैं।
रोडवेज के 15 व डबवाली में 9 कर्मचारियों पर दर्ज हुआ मामला
5 सितंबर को रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चक्का जाम के दौरान दुर्व्यवहार व एस्मा कानून का उल्लंघन करने के आरोप में सिरसा के 15 कर्मचारियों पर विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया है। इन कर्मचारियों में भीम सिंह लिपिक, चन्द्र शेखर मेकेनिक, चंचल टायरमैन, रमेश स्वामी, चमन लाल, सुरेंद्र, खुशीराम, राजेश कुमार, रणजीत सिंह, कुलवीर सिंह, बलदेव कुमार, राजेंद्र कुमार, सुरेंद्र सिंह, सीता सिंह, रतनलाल शामिल हैं। जबकि डबवाली में रमेश कुमार चालक, रामचंद्र, चंचल सिंह, आत्माराम, रामकुमार, शंकरलाल, गुरदेव सिंह, प्यारेलाल, प्रदीप कुमार, फतेह सिंह, जयवेंद्र सिंह, भालाराम, जसविंद्र सिंह, भवर लाल, हरमीत सिंह, महेंद्र सिंह, सुखचैन सिंह पर केस दर्ज किया गया है।
कर्मचारी संगठनों ने डीसी को सौंपा सीएम के नाम ज्ञापन
एस्मा हटाने व कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकदमे रद्द करने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी नेता मदल लाल खोथ, आत्माराम, रामकुमार चुरनिया ने मांग की है कि एस्मा को हटाया जाए और एस्मा के तहत कर्मचारियों पर दर्ज किए गए केस रद्द किए जाएं।