लघु उद्योगों को बिजली निगम का ‘झटका’
एसपी कनेक्शनधारियों को अब अदा करना होगा दोगुना बिल
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
दक्षिणी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने स्माल पॉवर (एसपी) कनेक्शनधारियों की जेब पर सीधे-सीधे निशाना साधा है। खपत की बजाए मीटर की रीडिंग के अनुसार बिल वसूला जाएगा, जो खपत से दोगुना आना तय है। निगम के मीटरों के साथ विशेष क्षमता का कैपिस्टर लगाने की अनिवार्यता कर दी गई है, जो बाजार में उपलब्ध नहीं है। इस कैपिस्टर के न होने की वजह से मीटर खपत से डबल रीडिंग दर्शाएगा और निगम इसी के आधार पर बिल वसूलेगा। इस प्रकार सीधे-सीधे उपभोक्ता की जेब तराशी जाएगी।
विद्युत निगम की ओर से स्माल पॉवर कनेक्शनधारियों को जो मीटर उपलब्ध करवाया जा रहा है, उसमें दोहरी रीडिंग आती है। एडब्ल्यूएच और दूसरी केवीएएच। इनमें जिसकी रीडिंग अधिक आती है, निगम उसी के अनुसार ही बिल वसूलता है। इस मीटर में एडब्ल्यूएच खपत के अनुसार ही रीडिंग दर्शाता है, जबकि केवीएएच खपत से दोगुनी रीडिंग। केवीएएच को सही रीडिंग दर्शाने के लिए विशेष प्रकार का कैपिस्टर साथ लगाने के लिए कहा जाता है। इस कैपिस्टर को लगाने पर मीटर खपत अनुसार ही रीडिंग दर्शाता है। मीटर के साथ लगाए जाने वाला कैपिस्टर पूरे हरियाणा की मार्केट में ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे में एसपी कनेक्शनधारियों को बिना खपत के भी दोहरा बिल अदा करना होगा।
कौन बन रहे शिकार
स्मॉल पावर कनेक्शन छोटे उद्योग-धंधे और वर्कशॉप चलाने वालों द्वारा लिए जाते हैं। आटे की चक्की, वेल्डिंग वर्क्स, खराद अथवा वर्कशॉप चलाने वालों द्वारा एसपी कनेक्शन लिया जाता है। डबल रीडिंग आने पर इन छोटे वर्कशाप चलाने वालों की ही जेब तराशी जानी है।
मांग 0.5 की, उपलब्ध 5 एमएफडी
खपत अनुसार मीटर रीडिंग के लिए निगम द्वारा 0.5 एमएफडी का कैपिस्टर लगाने की अनुशंसा की गई है, लेकिन पूरे हरियाणा के बाजार में इस क्षमता का कैपिस्टर उपलब्ध नहीं है। बाजार में कम से कम 5 एमएफडी का ही कैपिस्टर है, जिसे लगाने पर भी दोहरी रीडिंग आ रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सीधे-सीधे चपत लग रही है।
मीटर निगम के, कैपिस्टर उपभोक्ता लाए
विद्युत निगम द्वारा एसपी कनेक्शनधारियों को विशेष प्रकार का मीटर प्रदान किया जा रहा है। निगम द्वारा ही खपत के अनुसार रीडिंग के लिए 0.5 एमएफडी के कैपिस्टर की अनुशंसा की गई है। ऐसे में जब निगम द्वारा मीटर प्रदान किए जा रहे है तो कैपिस्टर भी निगम को ही उपलब्ध करवाने चाहिए, जबकि निगम ने इस मामले में उपभोक्ता को उसके हाल पर छोड़ दिया है और अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लिया है।
किया जाएगा समाधान : एसई
दक्षिणी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के अधीक्षण अभियंता पीके चौहान ने यह स्वीकार किया कि उचित क्षमता का कैपिस्टर लगाए जाने पर मीटर की रीडिंग सही आएगी। उन्होंने बाजार में इस क्षमता के कैपिस्टरों की अनुपलब्धता से अनभिज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा कि उचित क्षमता का कैपिस्टर अरेंज करवाना उपभोक्ता की जिम्मेवारी है। यदि बाजार में यह उपलब्ध नहीं है, तो इस बारे में विचार किया जाएगा और उपभोक्ताओं की समस्या का शीघ्र समाधान भी किया जाएगा।